धर्मशाला। शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में धर्मशाला के डीआरडीए सभागार में स्मार्ट सिटी, शहरी विकास, नगर निगम और टीसीपी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
इस दौरान शहरी विकास मंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को उनकी ओर से किए जा रहे कार्यों को सितंबर माह तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं अंडर ग्राउंड डस्टबिन और स्मार्ट सिटी की बेवसाइट डीएससीएल की वर्तमान स्थिति पर 10 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी में कार्य तो हो रहे हैं, लेकिन इन कार्यों की जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की विभाग सितंबर माह तक ऐसे प्रोजेक्टों को पूरा कर लें, जो छह माह के अंदर पूरे हो जाएं। उन्होंने बताया कि लंबे प्रोजेक्टों, जिनके कार्य छह माह में पूरे न हो सकें, ऐसी परियोजनाओं पर विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया न की जाए।
इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश
उन्होंने इंप्रुवमेंट आफ वॉकवेस एंड स्टेयर परियोजना, स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना, स्मार्ट रोड परियोजना, इंटेलिजेंट एंड बैरियर फ्री स्मार्ट बस शेल्टर परियोजना, इंक्लूसिव स्ट्रीट परियोजना, आधुनिक सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांट परियोजना, दलाईलामा मंदिर पार्किंग स्थल परियोजना, रूट जोन ट्रीटमेंट नड्डी परियोजना, इको टूरिजम परियोजना, नगर वन परियोजना, कोतवाली बाजार पार्किंग परियोजना, प्राकृतिक पार्क परियोजना और रामनगर में बनने वाले पार्क और खेल मैदान परियोजना को पूरा करने निर्देश दिए।
अंडर ग्राउंड डस्टबिन और डीएससीएल बेवसाइट परियोजना से लोग नाराज
नगर निगम के पार्षदों की ओर से स्मार्ट सिटी की बैठक में अंडर ग्राउंड डस्टबिन और डीएससीएल वेबसाइट को लेकर आम लोगों की नाराजगी होने का मुद्दा उठाया गया। पाषर्दों का कहना है कि अंडर ग्राउंड डस्टबिन की सफाई को लेकर निरंतर लोगों की शिकायत आती रहती हैं। लोगों का कहना है कि डस्टबिन मात्र बीमारी का अड्डा बनकर रह गए हैं। वहीं डीएससीएल को लेकर विधायक विशाल नैहरिया ने बताया कि स्मार्ट सिटी की 36 लाख रुपये की लागत से बनी बेवसाइट डीएससीएल बंद पड़ी हुई है। इससे लोगों को टेंडर से लेकर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की ऑनलाइन जानकारी नहीं मिल पा रही है।
विधायक ने की निगम में आठ जेई नियुक्त करने की मांग
विधायक विशाल नैहरिया ने नगर निगम धर्मशाला में आठ जेई अधिकारी नियुक्त करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि नगर निगम में नियुक्त जेई अधिकारियों की संख्या कम है। ऐसे में अगर आठ जेई नियुक्त किए जाएं तो नगर निगम के दो वार्ड एक जेई अधिकारी संभालेगा, इससे निगम कार्यों के सही तरीके से होने के साथ कार्यों को गति भी मिलेगी।
शहरी विकास मंत्री ने किया आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने धर्मशाला दौरे के दौरान स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत धर्मशाला के गम्मरू क्षेत्र में बनाए गए आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए इस परियोजना को पूरा करने के निर्देश दिए।