धर्मशाला। धारकंडी क्षेत्र की चार पंचायतों के लोगों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सड़क सुविधा से कटे लोगों को अभी तीन से चार माह और इंतजार करना पड़ सकता है। बरनेट-घेरा सड़क की फाइल देहरादून में वन एवं पर्यावरण विभाग के पास अटकी हुई है। इसकी जानकारी खुद एसडीएम धर्मशाला हरीश गज्जू ने लोगों को मौके पर जाकर दी है।
शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के दौरान एसडीएम धर्मशाला डा. हरीश गज्जू ने परेशान लोगों से कहा कि बनरेट से घेरा के लिए प्रस्तावित सड़क मार्ग की फाइल एफसीए के लिए देहरादून गई है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू होगा। जैसे ही देहरादून से एफसीए की मंजूरी मिलती है, प्रशासन जल्द लोगों के लिए बनरेट से घेरा तक अस्थाई मार्ग तैयार कर देेगा।
गौरतलब है कि घेरा के कैंट नाला में करीब 100 मीटर सड़क बह गई थी। इस सड़क को बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग को तीन से चार माह समय लग सकता है। शुक्रवार को एसडीएम धर्मशाला डा. हरीश गज्जू, डीएफओ धर्मशाला संजीव कौशल, लोक निर्माण विभाग उपमंडल धर्मशाला के एक्सईएन और कांगड़ा के एक्सईएन ने बरनेट से घेरा तक प्रस्तावित सड़क मार्ग को लेकर क्षेत्र की लोगों से मिलकर चर्चा की।
मार्ग बहाल नहीं हुआ तो करेंगे अनशन: विक्की
घेरा के स्थानीय युवक विक्की पंडित ने कहा कि सड़क मार्ग बहाल होने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर जल्द मार्ग बहाल नहीं होता है तो क्षेत्र के लोग उपायुक्त कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठ जाएंगे। तीन दिन के अनशन के बाद अगर कुछ नहीं होता है तो लोग आमरण अनशन पर बैठेंगे।
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रावा खड़ीबेही के प्रधान अर्जुन ने कहा कि प्रशासन ने मौका देखकर मार्ग जल्द बहाल कराने का आश्वासन दिया है। अगर जल्द कोई अस्थाई मार्ग नहीं बनाया जाता है तो लोगों को मजबूरन अनशन पर बैठना पड़ेगा।
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लोगों को जल्द प्रदान की जाएगी मार्ग सुविधा: वर्मा
कांगड़ा के एक्सईएन विजय कुमार वर्मा ने बताया कि घेरा के पास कैंट नाला में बही सड़क से विभाग को काफी नुकसान हुआ है। लोगों को सुविधा देने के लिए एक टेंडर कॉल कर दिया है और दूसरा जल्द किया जाएगा ताकि मार्ग को जल्द निर्माण कर लोगों को सुविधा प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि काफी सड़क बही है। मार्ग बहाल होने में थोड़ा समय लग सकता है। फिलहाल, करेरी मार्ग को बहाल कर लोगों को कनेक्टिविटी दे दी गई है।