इंदौरा में मंड क्षेत्र के किसान एसडीएम को ज्ञापन देने जाते हुए।
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इंदौरा/ठाकुरद्वारा (कांगड़ा)। इंदौरा और फतेहपुर के मंड क्षेत्र में धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार है। कई किसानों ने धान की कटाई कर फसल को ट्रॉलियों में भरकर अपने घरों में प्रांगण में खड़ी कर रखा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकार कल तक खरीद शुरू नहीं करती है तो तमाम किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर घरों में काटकर रखी हुई धान की फसल को बोरियों में भरकर एसडीएम कार्यालय के समक्ष सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।
इंदौरा और फतेहपुर के लगभग 500 से ज्यादा किसानों ने धान की फसल को खरीदने में बरती जा रही ढील को लेकर मौजूदा सरकार व इंदौरा की विधायक के खिलाफ कड़ा रोष जाहिर किया। बैठक में मंड क्षेत्र कृषि सुरक्षा समिति तहसील इंदौरा व फतेहपुर का गठन किया गया। वीरवार को कमेटी ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन एसडीएम इंदौरा को सौंपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि फसल खरीद के लिए पांच केंद्र खोले जाएं। किसानों ने अधिवक्ता जसवीर कटोच, मलेंद्र राजन, राणा प्रताप सिंह, अनूप सिंह ठाकुर, विजय कुमार की अध्यक्षता में एसडीएम इंदौरा के माध्यम से सरकार को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
किसानों का कहना है कि पंजाब में हिमाचल के किसान धान बेचने जा नहीं सकते। पंजाब के बॉर्डरों पर पुलिस लगा दी गई है और अगर कोई हिमाचल का किसान फसल को पंजाब में ले जाते पकड़ा जाता है तो उस पर एफआईआर दर्ज होने के साथ-साथ ट्रैक्टर ट्रॉली व फसल को भी बांड किए जाने के आदेश हैं। पंजाब में पहली अक्तूबर से खरीद शुरू हो गई है, लेकिन हिमाचल सरकार अभी मंडी लगाने के लिए जगहों का निरीक्षण कर 15 अक्तूबर तक खरीद करने की बात कर रही है। किसानों की फसल खेतों में ही बर्बाद होने के कगार पर है।