ज्वालामुखी/कांगड़ा। शक्तिपीठ ज्वालाजी और बज्रेश्वरी में में शारदीय नवरात्र पर चहल पहल है। तहसीलदार दीनानाथ ने बताया कि दूसरे नवरात्र पर ज्वालाजी में भक्तों ने 6, 54, 441 रुपये की नकदी और पांच ग्राम 300 मिली ग्राम सोना, 712 ग्राम चांदी, 500 अमेरिकन डॉलर, 50 यूरो और 40 पौंड माता के चरणों में अर्पित किए।
उन्होंने बताया कि तीसरे नवरात्र पर लगभग 10 हजार श्रद्धालु माता के दर्शनों को पहुंचे। एसडीएम धनवीर ठाकुर ने बताया कि ज्वालाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा इंतजाम किया गया है और सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि मास्क का प्रयोग करें, सोशल डिस्टेंसिंग अपनाएं और वैक्सीन पत्र साथ रखें क्योंकि अभी कोरोना महामारी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। वहीं, बज्रेश्वरी मंदिर में तीसरे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर में देर शाम तक करीब पंद्रह हजार श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए। मंदिर अधिकारी दिलजीत शर्मा ने बताया कि दूसरे नवरात्र मेले में यात्रियों ने तीन लाख सत्तर हजार की नकदी, तीन ग्राम सोना और 546 ग्राम चांदी की चढ़त चढ़ाई। उन्होंने बताया कि मंदिर प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के पुख्ता प्रबंध किए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के आदेशानुसार श्रद्धालुओं को कोविड एसओपी के तहत दर्शन करवाए जा रहे हैं।
तीसरे नवरात्र पर मां चामुंडा के दरबार बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
चामुंडा (कांगड़ा)। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में तीसरे नवरात्र पर श्रद्धालुओं की संख्या में थोड़ा इजाफा हुआ है। कहा जाता है कि नवरात्र के दौरान जो भी व्यक्ति मां चामुंडा की आरती को सुनता है, उसे मां चामुंडा के आशीर्वाद से मनचाहा फल प्राप्त होता है। इसलिए आसपास के गांव के
स्त्री-पुरुष मां की आरती सुनने के लिए प्रतिदिन चामुंडा मंदिर पहुंचते हैं। वहीं, आचार्य बालक राम ने बताया कि मां चंद्रघटा की पूजा-अर्चना तीसरे नवरात्र को की जाती है। मां की पूजा करते समय मां को लाल वस्त्र धारण करवाएं और खुद धारण करें। वहीं, मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा ने बताया कि हर आने-जाने वाले पर पुलिस दल और सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। बाण गंगा में नहाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया, ताकि कोई अनहोनी घटना न घटे। तीसरे नवरात्र में पिछले कल की अपेक्षा श्रद्धालुओं की संख्या में कुछ बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को 1700 श्रद्धालु मां चामुंडा के दरबार में नतमस्तक हुए। वहीं, रोज आने वाले कुछ स्थानीय लोगों रंजीव सूद, प्रकाश चंद, आशा राणा, मोहिंदर राणा, नैंसी, अंजुम, धीमान, सुरिंद्र राणा, अजीत कुमार का कहना है कि मां चामुंडा की आरती सुनने से ऐसे सुख की अनुभूति होती है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।