सोमवार को विधानसभा सत्र के लिए जाते कृषि मंत्री चंद्र कुमार।
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कृषि और वानिकी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के नियम बदलेंगे। सोमवार को कृषि मंत्री चंद्रकुमार ने विधानसभा में कृषि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय अधिनियम 1986 संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया। विधेयक में कृषि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालयों में एक समान मानक लागू करने का प्रावधान किया गया है।
कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन में कुलपति की नियुक्ति की व्यवस्था बदलने का प्रावधान किया गया है। दोनों विश्वविद्यालयों को प्रदेश सरकार ही बजट उपलब्ध करवाती है, लेकिन अधिनियम में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। संशोधन विधेयक में स्पष्ट है कि मौजूदा अधिनियम के तहत विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति के लिए लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार की कोई भूमिका नहीं थी, जबकि इन संस्थाओं का वित्तपोषण अनुदान के रूप में राज्य बजट से किया जाता रहा है। संशोधित विधेयक में प्रस्ताव हुआ है कि इस संशोधन से सरकार के पास कुलपति के चयन की शक्ति रहेगी और ऐसे कुलपतियों को नियुक्त किया जा सकेगा, जो बहु-शिक्षा शाखाओं वाली संस्थाओं जो सांविधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हों।
इसके अलावा संशोधित अधिनियम के तहत राज्य सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकेगी। कुलपति विश्वविद्यालय का पूर्णकालिक अधिकारी होगा, जिसकी नियुक्ति कुलाधिपति की ओर से सरकार की सहायता और सलाह पर की जाएगी। इसके लिए अधिनियम की धारा 2, 12, 19 और 24 मेंं संशोधन करने की पेशकश की गई है।