हमीरपुर। शिक्षा विभाग का डिजिटल साथी अभियान हमारा, बचपन का सहारा फोन हमारा सिरे चढ़ता नजर नहीं आ रहा है। अभी तक इस अभियान के तहत जिलेमें कुल 120 लोगों ने मोबाइल दान दिए हैं। जबकि जिले में चार हजार के करीब ऐसे विद्यार्थी हैं जिनके पास मोबाइल फोन नहीं हैं। ऐसे में इन विद्यार्थियों को और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जिला शिक्षा विभाग ने इस अभियान की शुरूआत 28 जुलाई को की थी। लेकिन अभी तक इस अभियान के तहत कुल 120 लोगों ने ही मोबाइल दान दिए हैं।
ऐसे में जिन विद्यार्थियों के पास मोबाइल फोन नहीं हैं उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। उच्च शिक्षा विभाग में 1645 विद्यार्थियों के पास मोबाइल फोन नहीं हैं। वहीं, प्राथमिक शिक्षा विभाग के भी हजारों विद्यार्थियों के पास मोबाइल फोन नहीं हैं।
जिले के लोग मोबाइल फोन दान करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे इन विद्यार्थियों भविष्य पर असर पड़ रहा है। 750 स्कूलों में से 35 स्कूल ऐसे भी हैं जो प्रेरणा का स्रोत बने और अपने विद्यालय में जिन विद्यार्थियों के पास मोबाइल नहीं हैं उन्हें मोबाइल उपलब्ध करवाए। वहीं, सीएचटी संदीप कुमार ने अकेले अपनी तरफ से पांच मोबाइल दान किए। इन 120 दानकर्ताओं में भी अधिकतर अध्यापक ही हैं। अन्य संस्थाएं और संगठन मोबाइल फोन उपलब्ध करवाने के लिए बहुत कम आगे आ रहे हैं। वहीं, डाइट हमीरपुर के प्रधानाचार्य धर्मपाल ने कहा कि 120 लोगों ने मोबाइल दान दिए हैं। उन्होंने लोगों से इस अभियान में सहयोग की अपील की है।