हमीरपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी ने महंगाई के खिलाफ हमीरपुर में प्रदर्शन किया। तहसील से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकालकर सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, जिला कमेटी सदस्य सुरेश राठौर, प्रताप राणा और रंजन शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की दिवालिया आर्थिक नीतियों के कारण महंगाई चरम सीमा पर है। अनाज, दाल, तेल आदि के दामों में बढ़ोतरी के कारण घर चलाना मुश्किल हो गया है। केंद्र सरकार ने हमेशा दुनिया और देश में आए संकट को जनता पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया है। जब दुनिया और देश में कोरोना महामारी आई तो मजदूरों के चालीस श्रम कानूनों को खत्म किया। मजदूर विरोधी चार श्रम कोड बनाए।
महामारी के दौर में ही तीन कृषि कानून बनाकर किसानों पर हमला किया गया। इसे किसानों ने आंदोलन के माध्यम से वापस लेने पर केंद्र सरकार को मजबूर किया। अब यूक्रेन और रूस युद्ध के दौरान केंद्र सरकार ने रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल, सरिया, सीमेंट, बिजली का सामान और अन्य चीजों के दाम बढ़ाकर जनता की कमर तोड़ दी है।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों में भाजपा को मिली जीत के कारण भी सरकार सत्ता के नशे में मदहोश है। 2014 में रसोई गैस का सिलेंडर मात्र 460 रुपये था और अब 1100 रुपये में मिल रहा है। यहां तक स्कूल फीस और कॉपी, किताबों और पेन-पेंसिल समेत अन्य स्टेशनरी के दाम भी कई गुणा बढ़ा दिए हैं।
पार्टी ने मांग की कि महंगाई को नियंत्रण में लाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। प्रदर्शन में ब्रह्म दास, सुशीला, कमलजीत, सुनील, देशराज, रजनी, बीना संदला, अंजना, ज्योति, कुर्मी, मीना, ममता, वीना, रजनी समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।