हमीरपुर। सिद्धार्थ राजकीय महाविद्यालय नादौन में बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाली अनाथ बेटी की पढ़ाई का सारा खर्च अब कॉलेज प्रशासन उठाएगा। जब छात्रा फीस जमा करवाने पहुंची तो कॉलेज प्रशासन ने पैसे लौटाकर फीस पीटीए फंड से जमा करवा दी। यही नहीं इस छात्रा की डिग्री पूरी होने तक पढ़ाई और किताबों का खर्च कॉलेज प्रशासन पीटीए फंड से वहन करेगा। छात्रा को पढ़ाई में आने वाली वित्तीय और अन्य परेशानियों के लिए भी प्राचार्य ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। इसके लिए एक महिला अध्यापक को भी छात्रा के साथ समय-समय पर बात और काउंसलिंग की जिम्मेवारी सौंपी है।
अमर उजाला ने 23 अगस्त के अंक में अनाथ छात्रा को पेश आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाया था। खबर छपने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और प्रशासन ने लड़की की जानकारी जुटाने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए। रक्षाबंधन के दिन कॉलेज के कुछ पूर्व और वर्तमान छात्रों ने इस बच्ची को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल सौंपा था और कॉलेज में दाखिले के पंजीकरण के दौरान इसे हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए इसका दाखिला करवाने का भी निर्णय लिया था।
शुक्रवार को इन युवाओं की दी हुई फीस जमा करवाने जब यह छात्रा कॉलेज पहुंची तो कॉलेज प्रशासन ने उस फीस की बजाय पीटीए फंड से इसकी फीस का प्रावधान कर छात्रा को निशुल्क दाखिला दिया। इस संबंध में छात्रा की मदद करने वाले युवाओं रोहित और पुनीत ने कहा कि जो फीस उन्होंने छात्रा के दाखिले के लिए दी थी, कॉलेज प्रशासन ने उसे वापस कर छात्रा का दाखिला पीटीए फंड से किया है।
उधर, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल गौतम ने कहा कि छात्रा की तीन सालों तक की पढ़ाई और किताबों का खर्च कॉलेज प्रशासन ही वहन करेगा। उसे कोई भी दिक्कत आए तो वह अध्यापकों से बता सकती है, हर संभव सहायता की जाएगी।