बिझड़ी (हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में शनिवार रात से रविवार शाम तक करीब 16 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। रातभर श्रद्धालु बाबा के जयकारों के साथ गुफा की ओर बढ़ते रहे और अपनी बारी आने पर माथा टेककर बाबा का आशीर्वाद लिया। बीते चार दिन से हो रही बारिश के बाद रविवार सुबह दियोटसिद्ध में धूप खिली रही। इसी बीच मौसम अनुकूल होते ही बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ गई। दोपहर बाद यहां बारिश शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने बारिश के बीच भी बाबा के जयकारे लगाते हुए दर्शन किए।
न्यास प्रबंधन ने कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देनजर लंगर व्यवस्था और सरायों को बंद रखा है। सावन महीने में पंजाब के अधिकतर श्रद्धालु बाइक व साइकिल पर बाबा बालक नाथ के दर्शनों को पहुंचते हैं। उसके पश्चात हिमाचल की अन्य पांचों शक्तिपीठों के दर्शनों को जाते हैं। मंदिर न्यास को भी पता होता है कि शनिवार और रविवार के दिन काफी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है।
इसी के चलते इस दौरान मंदिर को 24 घंटे खुला रखा गया। मंदिर के अतिरिक्त अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार रात से श्रद्धालु पहुंचना शुरू हुए थे और रविवार के दिन भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। शाम तक करीब 16000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। दिन में तीन बार रेलिंग को साफ और सैनिटाइज किया गया। जगह जगह पर श्रद्धालुओं के लिए सैनिटाइजर लगाए गए थे।