पिता की आठ वर्ष पूर्व हो चुकी है मौत, मां का इकलौता सहारा भी छिना
कक्कड़ गांव का नैतिक बहन के साथ लजियाणी में गया था रिश्तेदार के घर
संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज (हमीरपुर)। पुलिस थाना भोरंज के तहत शनिवार को 12 वर्षीय बालक की बावड़ी में डूबकर मौत हो गई है। बच्चे की पहचान नैतिक पुत्र पवन कुमार गांव कक्कड़ डाकघर चंदरूही के रूप में हुई है। शनिवार को बालक दो बजे के करीब अपनी बहन के साथ लजयाणी गांव में रिश्तेदारी में आया था। जहां वह एक और लड़के के साथ लजयाणी स्कूल के पास बावड़ी में नहाने के लिए चला गया। जहां पर यह दोनों बच्चे नहाने लगे। जब नैतिक ने बावड़ी में छलांग लगाई तो वह काफी देर तक बाहर नहीं निकला। ऐसे में साथ गए साथी ने शोर मचाया और ग्रामीणों को बताया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच पर नैतिक को बावड़ी से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। ग्रामीण बच्चे को लेकर सिविल अस्पताल भोरंज चले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नैतिक के पिता की मृत्यु 2011 में करीब आठ वर्ष पूर्व हो गई थी और वह माता का इकलौता सहारा था। माता मजदूरी कर बेटे का पालन पोषण कर रही थी ताकि पति की मृत्यु के बाद बेटा उनका सहारा बन सके। लेकिन, पति के साथ के बाद अब माता सुरेखा देवी का बेटे का सहारा भी छिन गया है। परिवार बीपीएल में है। माता का रो-रोकर बुरा हाल है। बुढ़ापे का एकमात्र सहारा भी अब सुरेखा देवी से छिन गया है। पुलिस थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा मामले की छानबीन जारी है। पुलिस मौके पर गई थी।