चंबा। जिले में मौसम के बदले मिजाज के दूसरे दिन भी हालात सामान्य नहीं हो पाए। एनएच आहला, केरू पहाड़ और चनेड़ के पास पेड़ गिरने और मलबा आने से कुछ देर के लिए बाधित होता रहा।
बुधवार की सुबह आसमान में एक बार फिर काले बादल छा गए। सुबह 11:00 बजे बारिश का क्रम एक बार फिर से शुरू हो गया। जिले में मंगलवार सुबह हुई भारी बारिश से एक तरफ जहां शरीर जला देने वाली भीषण गर्मी से लोगों को निजात मिली है तो वहीं मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और तूफान ने लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। बागीचों में पौधों से फल झड़ गए। तीसा, सलूणी, साहो और सिल्लाघ्राट में बागवानों को काफी नुकसान हुआ है।
कृषि उद्यान विभाग के अधिकारियों ने अधिकारियों से नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार को उपमंडल सलूणी के तहत गांवों में चार कच्चे मकान, चार रसोईघर और तीन गोशालाओं को भारी बारिश, तेज तूफान से नुकसान हुआ है। चुराह उपमंडल के तहत प्राथमिक पाठशाला टिकरीगढ़ की छत तेज हवा के कारण उड़ गई। एनएच मंडल के सहायक अभियंता कनव बड़ोत्रा ने बताया कि पेड़ गिरने और मलबा गिरने से एनएच बीच-बीच में बंद होता और खुलता रहा।