होली (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र होली की होली-न्याग्रां सड़क पर सफर करना जान खतरे में डालने के बराबर है। इस सड़क पर अधिकतर जगह पैरापिट और क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए हैं।
लोगों का कहना है कि इस मार्ग की दूरी करीब 18 किलोमीटर है। मगर सड़क पर आवाजाही जान जोखिम में डालने के समान है। लोगों ने बताया कि कई बार सड़क पर क्रैश बैरियर लगाने की मांग की जा चुकी हैं। इसके बावजूद आज तक सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इस बात को लेकर ग्रामीणों में रोष है।
राजेश कुमार, सुरेश कुमार, प्रवीण कुमार, सतीश कुमार, त्रिलोक नाथ, जय करण, रोशन लाल, उत्तम दास, वीरेंद्र कुमार और शक्ति प्रसाद का कहना है कि इस मार्ग पर छोटे और बड़े वाहनों की काफी आवाजाही रहती है। इससे पहले भी सड़क पर कई हादसे हो चुके हैं। अगर पैरापिट और क्रैश बैरियर होते तो हादसों पर अंकुश लग सकता था। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार हादसों को रोकने के लिए तरह तरह के दावे करती है। दूसरी ओर सड़क पर पैरापिट और क्रैश बैरियर न होने से हादसों की संख्या बढ़ रही है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि पैरापिट और क्रैश बैरियर की व्यवस्था की जाए।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सार्थक सूद का कहना है कि मामला उनके ध्यान में है। विभाग ने इसके लिए एस्टीमेट बनाया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।