क्षेत्रीय अस्पताल चंबा में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत राणा ने स्वास्थ्य विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की मांग की है। उन्होंने एक महीने के भीतर नौकरी छोड़ने के संबंध में लिखित रूप से एक पत्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा को सौंपा है। जिसे सीएमओ कार्यालय स्वास्थ्य निदेशालय को सौंपने जा रहा है।
पत्र को सौंपने के साथ ही डॉ. प्रशांत राणा ने एक महीने का अवकाश भी मांगा था लेकिन चिकित्सकों की कमी का हवाला देकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने उनका अवकाश रोक दिया है और उन्हें छुट्टी पर रहने के एवज में वेतन न मिलने की बात कही है। गौरतलब है कि डॉ. प्रशांत राणा चंबा में निजी क्लीनिक चलाने को लेकर सुर्खियों में आए थे। पिछले दिनों इस संबंध में चंबा के साझा मोर्चा ने मेडिकल कॉलेज व चिकित्सकों के निजी क्लीनिक चलाने पर आंदोलन छेड़ दिया था। इसके साथ ही शिकायत निवारण समिति की बैठक में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा था। जिसके बाद चंबा अस्पताल से छुट्टी पर चल रहे सर्जन व शिशु रोग विशेषज्ञ वापस लौट आए।
डॉ. प्रशांत राणा ने सीएमओ को बीआरएस लेने के संबंध में पत्र सौंप दिया जबकि अब भी एक विशेषज्ञ चिकित्सक की तरफ से विभाग को कोई जवाब नहीं मिला है। डॉ. प्रशांत राणा के पद छोड़ने के बाद सीएमओ कार्यालय इस पद को खाली घोषित करवाने की आगामी कार्रवाई शुरू कर देगा ताकि चंबा अस्पताल में जल्द से जल्द स्थायी तौर पर विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किया जा सके।
डॉ. प्रशांत राणा ने दिया है पत्र : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद शर्मा ने डॉ. प्रशांत राणा के बीआरएस संबंधित पत्र मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि डॉ. प्रशांत राणा ने छुट्टी मांगी थी जिसे स्वीकार नहीं किया गया है। सीएमओ ने बताया कि छुट्टी पर चल रहे विशेषज्ञ चिकित्सक का वेतन रोक दिया गया है और इस संबंध में पूरी जानकारी निदेशालय को मुहैया करवा दी गई है।
घरेलू कारणों से सौंपा है पत्र : डॉ. प्रशांत राणा
डॉ. प्रशांत राणा ने बताया कि वे घरेलू जिम्मेदारियों की वजह से अस्पताल को समय नहीं दे पा रहे हैं। इस वजह से उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बीआरएस के लिए आवेदन सौंपा है। उन्होंने बताया कि आवेदन स्वीकार होते ही वे इस पद से हट जाएंगे।