चंबा। पांच सालों से चल रहा महाविद्यालय लिल्हकोठी के भवन का निर्माण कार्य आज दिन तक पूरा नहीं हो पाया है। इसका मुख्य कारण बजट का अभाव है। बजट न आने से पिछले वर्ष दिसबंर से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी ने लिल्हकोठी के चार मंजिला भवन के निर्माण का शिलान्यास ऑनलाइन किया था। लिल्हकोठी को मॉडल कॉलेज बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 12 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। भवन निर्माण के लिए अब तक छह करोड़ भी खर्च हो चुके हैं और छह करोड़ की दूसरी किस्त अभी तक जारी नहीं हुई है। वर्तमान समय में किराये के आठ कमरों में कॉलेज चल रहा है। ऐसे में 173 विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2016 में इस कॉलेज को खोलने की अधिसूचना जारी हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन फरवरी 2019 को लिल्हकोठी कॉलेज के भवन निर्माण का ऑनलाइन शिलान्यास किया। इसके लिए 12 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया जिसकी छह करोड़ की पहली किस्त जारी हो चुकी है। लेकिन, दूसरी छह करोड़ की किस्त जारी नहीं हुई है। इस कारण भवन निर्माण कार्य तीन माह से बंद पड़ा है। हालांकि भवन निर्माण कार्य की अवधि वर्ष 2021 की थी जो पूरी हो चुकी है लेकिन, बजट का अभाव निर्माण कार्य में बाधा बन रहा है। कुल मिलाकर दर्जा न्यू मॉडल का मिला है और सात वर्षो से कॉलेज को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है।
महाविद्यालय लिल्हकोठी के प्राचार्य डॉ. शिव दयाल का कहना है कि 70 प्रतिशत भवन का निर्माण कार्य हो चुका है। बजट के अभाव में गत दिसंबर से भवन निर्माण कार्य बंद पड़ा है। जैसे ही छह करोड़ की दूसरी किस्त जारी होगी, शेष निर्माण कार्य आरंभ होगा।