बिलासपुर/झंडूता (बिलासपुर)। जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल विकास खंड कार्यालय सदर, घुमारवीं और झंडूता के परिसर में तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों को छोटे-छोटे काम के लिए बार-बार पंचायतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक गतिरोध तोड़ने के लिए कोई पहल नहीं की है।
जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों की हड़ताल को जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिल रहा है। विकास खंड कार्यालय सदर और झंडूता में पंचायतों के प्रधानों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। पंचायत प्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल ने खंड विकास अधिकारी सदर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल बामटा के प्रधान विक्रम ठाकुर, नोग की प्रधान माया देवी, बिनौला की प्रधान आशा कुमारी, दयोली की प्रधान बिमला, बंदला के प्रधान सतीश ठाकुर, बेलना ब्राह्मणा की प्रधान कमला देवी आदि ने कहा कि जिला परिषद के कर्मियों की ग्रामीण विकास या पंचायतीराज विभाग में विलय करने की मांग है। सरकार इनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करे ताकि पंचायतों के काम में कोई बाधा न आए। इनकी हड़ताल से सभी काम ठप पड़े हैं। पहले ही पंचायतों में स्टाफ की भारी कमी है। अब जिला परिषद कर्मियों के हड़ताल पर जाने से व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, झंडूता में ग्राम पंचायत जांगला, निहान, डूडियां, जेजवीं, बलघा, गालियां, दाड़ी भाड़ी, मलांगण, झंडूता, समोह, नखलेहड़ा, भड़ोली कलां, हीरापुर, बलोह, डाहड, बैहना ब्राह्मणा, बाला, बड़गांव, घंडीर के प्रतिनिधियों ने सरकार को चेताया कि पांच दिन के भीतर कर्मचारियों की मांगों को मानकर हड़ताल समाप्त करवाए वरना मजबूरन इन कर्मचारियों के साथ हड़ताल पर बैठना पड़ेगा।