उपायुक्त से मिलने के बाद सिलाई अध्यापिकाएं सामूहिक चित्र में।
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बरठीं (बिलासपुर)। डेढ़ वर्ष बीत जाने पर भी वरिष्ठता सूची जारी न होने पर जिला बिलासपुर की सिलाई अध्यापिकाओं ने जिला प्रशासन व सरकार के प्रति रोष जाहिर किया है। सिलाई अध्यापिका संघ की जिला प्रधान कमलेश कुमारी, सचिव रीता जसवाल ने बताया कि पंचायत सचिवों के पद पर पदोन्नति के लिए सरकार ने 20 फीसदी कोटा आवंटित किया है। इससे उन्हें जानबूझकर महरूम रखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि निदेशक पंचायतीराज विभाग हिमाचल प्रदेश ने अपने पत्र संख्या पीसी एचएचबी 1-1/2006 नियुक्ति 2. 1828.39 जनवरी 16, 2020 में सभी जिलों में 20 फीसदी कोटा के अंतर्गत सिलाई अध्यापक की श्रेणी के पद सृजित और आवंटित किए थे। सभी जिलों में 61 पद भरने की स्वीकृति दी थी। जिला बिलासपुर के लिए भी पंचायत सचिव के रिक्त पद भरने की स्वीकृति मिली थी। लेकिन डीपीओ व एडीसी बिलासपुर के कार्यालय की लेटलतीफी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठता सूची जब तक फाइनल नहीं हो जाती तब तक यह पद भरे नहीं जाएंगे। जबकि पूरे हिमाचल में बिलासपुर के अलावा उनकी श्रेणी से पदों को भरा जा चुका है। इस वर्ष निदेशक पंचायतीराज हिमाचल प्रदेश ने एडीसी और डीपीओ बिलासपुर को 20 फरवरी 2021 को वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप देने के आदेश जारी किए थे। लेकिन छह माह बाद भी वरिष्ठता सूची जारी नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि 1997 से अनुबंध पर कार्यरत हैं। संघ 2 जुलाई 2021 को जिलाधीश और एडीसी बिलासपुर से मांगों को लेकर मिल चुका है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्दी ही वरिष्ठता सूची जारी कर पंचायत सचिवों के पदों पर उनकी तैनाती नहीं की गई तो संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।