सुरेंद्र जम्वाल
घुमारवीं (बिलासपुर)। त्योहारों की भीड़ के चलते निजी बस आपरेटरों ने घुमारवीं बस अड्डा से बिना परमिट ही विभिन्न रूटों पर स्पेशल बसें चला दीं। यात्रियों की ज्यादा भीड़ के चलते बस मालिकों ने मनमाना किराया भी वसूला। एचआरटीसी बिलासपुर की स्पेशल बसों में भी 20 प्रतिशत अधिक किराया वसूला गया।
घुमारवीं बस स्टैंड से निजी बस मालिकों ने बिना परमिट बसें दौड़ाकर सवारियों से मनमाना किराया वसूला। घुमारवीं से शिमला, नालागढ़ और बद्दी के लिए निजी बसें बिना रूट परमिट के भेजी गईं। कुछ आपरेटरों ने स्पेशल परमिट लिए थे और अधिकांश सरेआम नियमों की अनदेखी उड़ाकर बसें चलाते रहे।
घुमारवीं से शिमला के लिए 240 रुपये किराये की बजाय रविवार को सवारियों से 300 से 350 रुपये किराया वसूला गया। नालागढ़ और बद्दी के लिए चलीं स्पेशल बसों में भी मनमाने किराये की वसूली हुई। किराया 240 रुपये है वहां सवारियों से 350 से 400 रुपये लिए गए।
रविवार को इन तीन रूटों पर लगभग पच्चीस से ज्यादा निजी बसें चली। वहीं जिनके पास रूट परमिट नहीं थे उन्होंने भी सवारियों से मनमाना किराया वसूला। बेशक सरकार के द्वारा भी अतिरिक्त बसें चलाई गई है। लेकिन, उनमें भी डेढ़ गुना ज्यादा किराया वसूला गया है।
बिलासपुर के आरएम केएल यादव के अनुसार जिले में जो भी अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं उन सभी में बीस प्रतिशत अतिरिक्त किराया लिया जा रहा है। वहीं जिला बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान राजेश पटियाल ने कहा कि अतिरिक्त बसें शिमला, नालागढ़ व बद्दी के लिए चली हैं उनके द्वारा स्पेशल परमिट लिया गया था।
उन्होंने स्वीकार किया कि हो सकता है कि कुछ आपरेटरों ने देखादेखी में बिना परमिट अतिरिक्त बसों को रूटों पर चलाया है, यह गलत है।