बिलासपुर (रामपुर)। भारतीय किसान यूनियन अंबावता के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को रामपुर में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने का एलान किया था। इसे लेकर कार्यकर्ता दिन निकलने के साथ ही मोहल्ला कायस्थान स्थित राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी के आवास पर एकत्र होने लगे। मामले की सूचना पर कोतवाली प्रभारी तेजवीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ भाकियू नेता के आवास पर पहुंच गए। पुलिस ने सुबह आठ बजे राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष को कार्यकर्ताओं के साथ उनके आवास पर ही रोक लिया।
उधर, कार्यकर्ताओं को भाकियू नेता की नजर बंद होने की सूचना मिली तो तमाम कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मो. हनीफ वारसी ने कहा कि प्रदेश के मुखिया किसानों से बच रहे हैं। वह ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश भर के किसानों की समस्याओं से अवगत कराना चाहते थे। सीएम ही किसानों की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
इसलिए हम लोगों ने मन बनाया था कि प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों की भावनाओं से अवगत कराया जाएगा। लेकिन, आज निराशा हाथ लगी है। अब गांव से लेकर सड़क तक आंदोलन होगा। बैठक में भानु प्रताप गंगवार, सलीम वारसी, लखविंदर सिंह, परमजीत सिंह, रंजीत सिंह, जोगेंद्र सिंह, सफदर अली, फिदा हुसैन, अजायब सिंह गिल, विक्रम सिंह, रईस अहमद, हाजी रफीक, हाजी सफीक, महेंद्र कुमार, अशोक लूथरा आदि मुख्य थे।
भाकियू चढ़ूनी युवा जिलाध्यक्ष ने लगाया नजरबंद कर करने का आरोप
बिलासपुर। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के युवा जिलाध्यक्ष गुरवीर सिंह विर्क के अनुसार, सोमवार की दोपहर वह अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जिला मुख्यालय जा रहे थे। उनका आरोप है कि कोतवाली प्रभारी तेजवीर सिंह ने अपने मातहतों के जरिए उन्हें कोतवाली में बुला लिया और नजरबंद कर दिया। वह शाम तक कोतवाली में बैठे रहे। उनके साथ ब्लाकाध्यक्ष हरदीप सिंह, संदीप सिंह मौहार, कुलदीप सिंह संधू आदि मुख्य थे। संवाद