- साल 2011 में हरिदेवी गांव में दिया था वारदात को अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी घुमारवीं नेहा शर्मा की अदालत ने चोरी के मामले में नामजद आरोपी को दोषी करार देते हुए 9-9 माह के कारावास और 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
सहायक लोक अभियोजक अजय भारद्वाज ने बताया कि 22 मई 2011 को गांव हरि देवी के श्री हरि देवी माता के मंदिर परिसर में मेले का आयोजन हुआ था। माता के मंदिर के ठीक सामने शिव परिवार का मंदिर भी लोगों के सहयोग से बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मेला समाप्त होने के बाद मंदिर के चारों पुजारी अपने घरों को चले गए। अगले दिन सुबह 5 बजे जब एक महिला मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए पहुंची तो उसने पाया कि मंदिर के दरवाजों पर ताले ही नहीं थे। माता के मंदिर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। इसके अलावा माता की सोने की नथ, सोने का टीका, चांदी के दो मुकुट और 25 छत्र गायब थे। इसके अलावा शिव मंदिर का दान पात्र भी मंदिर से गायब था। पुलिस ने मामले के आरोपी रामपाल निवासी गांव भटेड़ (चलामा) जिला बिलासपुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 457 और 380 के तहत गिरफ्तार कर लिया। चुराया हुआ सामान भी बरामद किया गया। अजय भारद्वाज ने बताया कि अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को धारा 457 के तहत 9 माह के कारावास और 1000 रुपये जुर्माना, धारा 380 के तहत 9 माह के कारावास और 1000 रुपये जमाने की सजा सुनाई है।