हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय के कुलपति (वाइस चांसलर) और रजिस्ट्रार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की अदालत ने पाया कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद न तो विश्वविद्यालय ने फैसले को लागू किया और न ही दोनों जिम्मेदार अधिकारी अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने यह फैसला विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से कोर्ट के पुराने आदेशों का पालन न करने और व्यक्तिगत रूप से पेश न होने पर सुनाया है। यह मामला नेक राम बनाम डॉ. वाईएस परमार यूनिवर्सिटी के तहत दायर निष्पादन याचिका से जुड़ा है। अदालत ने 13 मई 2026 को हुई पिछली सुनवाई में विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अगली यदि सुनवाई यानि कि 20 मई से पहले अदालत के फैसले का अनुपालन नहीं किया गया, तो कुलपति और रजिस्ट्रार दोनों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होना होगा। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं।