यमुनानगर। विधायक के आवास का घेराव करने पहुंची आंगनबाड़ी वर्कर्स का गुस्सा उस वक्त बढ़ गया, जब आवास पर विधायक नहीं मिले। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए वहीं धरना जमा दिया। वर्कर्स के धरने पर बैठने से प्रशासन के हाथ पांव भी फूल गए। आनन फानन प्रशासनिक अधिकारी आंगनबाड़ी वर्कर्स को मनाने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने एक न सुनी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत विधायक आवास का घेराव कर ज्ञापन देने पहुंचे थे, परंतु विधायक चंडीगढ़ चले गए। विधायक के न मिलने पर प्रदर्शनकारी भड़क गए और वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान पहुंचे एसडीएम ने ज्ञापन उन्हें सौंपने के बारे में उनसे कहा, लेकिन आंगनबाड़ी वर्कर्स ने इनकार कर दिया। दो घंटे तक आंगनबाड़ी वर्कर्स को समझाने में अधिकारियों के पसीने छूट गए। इस दौरान वहां दमकल, एंबुलेंस, रिकवरी वैन सहित तमाम आपातकालीन वाहन व कर्मचारी तैनात कर दिए गए। वहीं भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया। जब काफी देर मनाने के बाद भी बात नहीं बनी तो अधिकारियों ने विधायक की बात मोबाइल के जरिए संगठन के पदाधिकारियों से करवाई। विधायक ने उन्हें बुधवार को मिलने का आश्वासन दिया। जिसके बाद मामला शांत हुआ और अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है कि मांगें न मानने के विरोध में आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की राज्य तालमेल कमेटी के आह्वान पर 17 से 22 जनवरी तक भाजपा विधायक, मंत्रियों व नेताओं के आवास का घेराव किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कड़ाके की सर्दी में करीब 11 बजे भाई कन्हैया साहिब चौक स्थित पार्क में एकत्र हुए थे। यहां पर सीटू, सर्व कर्मचारी संघ, रिटायर्ड संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन को समर्थन किया। संगठन पदाधिकारियों ने वर्कर्स को संबोधित किया। यहां बड़ी संख्या में एकत्रित हुईं आंगनबाड़ी वर्कर्स व कर्मचारियों ने शहर भर में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला।
प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन प्रधान रेखा सैनी ने की। यहां मॉडल टाउन में धरने के दौरान रेखा ने कहा कि विधायक आवास का घेराव व ज्ञापन देने का कार्यक्रम पूर्व घोषित था। जिसके बारे विभिन्न माध्यमों से विधायक व प्रशासन को सूचित किया गया था। बावजूद इसके विधायक उन्हें नहीं मिले। रेखा ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी वर्कर्स की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार की करनी व कथनी में फर्क है। एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, दूसरी तरफ महिलाओं का रोजगार छीन रही है। सरकार की नियत व नीतियों का पता उनकी घोषणा से लगता है।
प्रदर्शन में सीटू, सर्व कर्मचारी संघ, पीडब्ल्यूडी, बीएंडआर मैकेनिकल वर्कर्स, स्वास्थ्य विभाग, रोडवेज, बिजली व अन्य विभागों के कर्मचारी भी पहुंचे। यहां सीटू कोषाध्यक्ष रामकुमार कांबोज, नगरपालिका महासचिव मांगे राम तिगरा, एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सौढे, जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि सरकार को आंगनबाड़ी विभाग खत्म करने का निर्णय बदलना होगा। यह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है और कर्मचारी इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
कर्मचारियों को रिटायर्ड संघ से विनोद त्यागी, एसकेएस ब्लॉक प्रधान जोत सिंह रावत, रोशन लाल, नगरपालिका से राज कुमार ससोली, प्रवेश परोचा, विक्की पारचा, मुकेश, स्वास्थ्य विभाग से नरेश कुमार, विजय कुमार, पीडब्ल्यूडी से किशोर कुमार, प्रेम प्रकाश, महेंद्र आंगनबाड़ी से दयावती, सुनीता सुघ, सुनीता करहेड़ा, करमो, तस्मिना, अनिता, सरोज, इमराना, सुषमा, रीना, संजय, विपिन, सीमा, करमजीत, सुरेखा, अमरीन, सुमन, गीता, अंजू, मीना, कमलेश, संतोष व अन्यों ने वर्कर्स को संबोधित किया।