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पति और बच्चों से मिलाने के बहाने से नसीमा को लेकर आए कब्रिस्तान, शवों को देखकर फट गया था कलेजा

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कबाड़ गोदाम में आग से पिता और तीन बच्चों की बुधवार रात मौत हो गई, लेकिन अग्निकांड में झुलसी नसीमा को दूसरे दिन वीरवार की देर शाम तक भी पति और बच्चों के मौत की जानकारी नहीं थी। पोस्टमार्टम के बाद जब हमीदा के कब्रिस्तान में शवों को दफनाया जा रहा था तो रिश्तेदारों ने अंतिम बार नसीमा को पति और बच्चों से मिलाने की बात कही। इसके लिए परिवार के लोग ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन नसीमा के पास पहुंचे। यहां उसे पति और तीनों बच्चों से मिलाने के बहाने से कब्रिस्तान तक लाया गया, जहां पति और बच्चों के शव देखकर नसीमा चीख पड़ी और रो-रोकर बेहोश हो गई। यह देखकर करीबियों और रिश्तेदारों के आंखों से भी आंसू फूट पड़े। बमुश्किल नसीमा को उठाकर निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
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कबाड़ गोदाम में लगी आग से बुधवार की रात नसीमा के पति नियामुद्दीन और तीन बच्चे बेटी फिजा, बेटा रिहान और चांद की झुलसकर मौत हो गई। इस दौरान बच्चों को बचाने के लिए जब नसीमा बाहर निकल रही थी, तब वह भी आग से झुलस गई थी। इसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर लाया गया था, मगर उसे सांस लेने में काफी दिक्कत आ रही थी। हालत गंभीर होने पर उसे चंडीगढ़ रेफर किया गया था, किंतु दूर होने के कारण उसे चंडीगढ़ की बजाय उसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां वहां जीवन के लिए संघर्ष कर रही है। विदित हो कि इस अग्निकांड के दौरान नसीमा के हाथ, पैर व अन्य जगहों पर छाले हो गए हैं जिन्हें ठीक होने में काफी समय लगेगा। उधर, मृतक नियामुद्दीन के बड़े भाई कैमुदीन बताते हैं कि शवों को देखने के बाद नसीमा टूट चुकी है, जिसे संभालना मुश्किल हो गया था। किसी तरह उसे निजी अस्पताल में दोबारा से दाखिल कराया गया है।
नसीमा ने दिखाई थी हिम्मत पर बेटे को नहीं बचा पाई
बता दें बुधवार रात डेढ़ बजे सिटी सेंटर के सामने विश्वकर्मा मोहल्ले में बने कबाड़ के गोदाम में अचानक आग लग गई थी। हादसे में 18 लोग बच निकले थे, किंतु नियामुद्दीन उर्फ राजू उसकी पत्नी नसीमा, बेटी फिजा, बेटा चांद और रिहान उर्फ छोटू नहीं निकल पा रहे थे। नसीमा ने हिम्मत दिखाते हुए बाहर निकलने के लिए एक बच्चे को गोद में उठाया था, किंतु अफरा-तफरी के बीच वहीं छूट गया। इसके बाद आग में झुलसकर और धुएं से दम घुटने के कारण नसीमा के पति नियामुद्दीन, बेटी फिजा, बेटा चांद और रिहान उर्फ छोटू की मौत हो गई। दमकल विभाग और पुलिस कर्मियों ने क्वार्टर की दीवार में छेद कर मृतकों के शवों को बाहर निकाला था।
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कबाड़ मालिक को गिरफ्तार करने के बाद बेल पर छोड़ा
उधर, कबाड़ गोदाम के मालिक नवीन को सिटी थाना पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद बेल पर छोड़ दिया गया। मगर इस हादसे के बाद भी गोदाम के हालात नहीं सुधरे थे। सब कुछ वैसे ही था। गोदाम के अंदर वैसे ही सामान बिखरा पड़ा था। इतना ही नहीं गोदाम के साथ और सामने वाली दुकानों में वैसे ही ठूंस-ठूंस कर माल भरा मिला।
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हादसे के बाद प्रशासन को याद आई सर्वे की
भीषण हादसे में चार की मौत के बाद अब जिला प्रशासन ने रिहायशी एरिया में चल रही कबाड़ी की दुकानों का सर्वे शुरू कर दिया है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को भी साथ लिया जा रहा है ताकि जिस जगह में कबाड़ी की दुकान है वह कितनी पुरानी और कब खतरनाक हो सकती है, इसकी जानकारी हो सके।
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जहां-जहां इस प्रकार की दुकानें बनी हैं उनका सर्वे शुरू कर दिया गया है। पूरी रिपोर्ट शनिवार को बनकर तैयार हो जाएगी। अगर कोई गलत तरीके से दुकान मिली तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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-सुशील कुमार, एसडीएम, जगाधरी।
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