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रोडवेज कंडक्टरों को पंचिंग टिकट से मिलेगा छुटकारा

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सुरेश सैनी
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यमुनानगर। रोडवेज कंडक्टरों को अब जल्द ही पंचिंग टिकट से छुटकारा मिलने वाला है। तीन माह बाद कंडक्टरों के हाथ में ई-टिकट मशीन होगी। यह मशीन जीपीएस आधारित होगी, जिससे पता चल सकेगा बस में यात्री कहां से चढ़ा है और किस जगह पर यात्री उतारा है।
हालांकि यह प्रोजेक्ट पुराना है। ई-टिकट मशीन पहला फायदा यह होगा इसमें गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी, दूसरा यात्री कंडक्टर से टिकट लेने के बाद भी गलत इलजाम नहीं लगा सकेंगे। मशीन खुद ही बता देगी यात्री कहां से चढ़ा है। बताया जा रहा है अब इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है।
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ई-टिकटिंग योजना के शुरू होने से यात्रियों की संख्या का डाटा विभाग के पास रहेगा। इससे जिस रूट पर ज्यादा सवारियां यात्रा कर रही हैं, उस रूट पर ज्यादा बसों की शेड्यूलिंग की जा सकेगी। इसके अलावा इस योजना के शुरू होने से रिवेन्यू लीकेज भी कम होगी। कई बार टिकटों के रि-इश्यू करने व नकली टिकटों के मामले में सामने आते हैं।
ई-टिकटिंग मशीन से जारी टिकट को न तो रि-इश्यू किया जा सकता है और न ही उसका नकली टिकट काटा जा सकता है। बता दें पंचिंग मशीन में कई तरह के पछड़े होते हैं। कई बार टिकट काटने के बाद कर्मी पर छूटे पैसे देने में दिक्कत आती थी। राउंड फिगर टिकट और ई-टिकट हो जाने के बाद सवारियों को यह दिक्कत झेलनी नहीं पड़ेगी। संवाद
यमुनानगर डिपो में आनी है 190 मशीनें
यमुनानगर डिपो में 190 ई-टिकट मशीनें आनी है। इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन से टिकट काटने के बाद कंडक्टर की ओर से बनाई जाने वाली लिस्ट में काफी आसानी हो जाती है, क्योंकि बस का रूट खत्म होने के पश्चात टिकटों का हिसाब-किताब का चार्ट बनाना होता है, जिसके बनाने में ही कंडक्टर का काफी समय खराब हो जाता है और कई बार गलती भी हो जाती है। ई-टिकट मशीन के मिलने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
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इस प्रोजेक्ट पर हम तेजी से काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि फरवरी तक विभाग की ओर से सभी कंडक्टरों को ई-टिकट मशीन उपलब्ध करा दी जाएंगी। - मूलचंद शर्मा परिवहन मंत्री हरियाणा
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