संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सर्द रातों में कोई खुले आसमान में न सोए इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी सड़कों पर घूम रहे हैं। डीसी ने शनिवार की रात अन्य अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ शहर का भ्रमण किया। इस दौरान फुटपाथ और खुले में सोते मिले लोगों को रैनबसेरा पहुंचाया गया।
डीसी पार्थ गुप्ता ने इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई है और इसकी कमान भी अपने हाथ में रखी है। डीसी ने बताया कि बेघरों, मुसाफिरों व अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए जगाधरी बस स्टैंड, संत निरंकारी भवन, यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन, बस अड्डे के पास रैन बसेरे बनाए गए हैं। रैन बसेरों में बिस्तर, रजाई, बेड के साथ शौचालय की व्यवस्था की गई है। एक रैन बसेरे में 50 से 60 व्यक्ति रह सकते हैं। डीसी ने बताया कि यह बिल्कुल निशुल्क है। रैन बसेरों में कोई भी व्यक्ति सर्दी से बचाव के लिए रात गुजार सकता है।
डीसी के मुताबिक शहर के निरीक्षण के दौरान रेलवे स्टेशन रोड, बस स्टैंड के पास कुछ लोग सड़क के किनारे दुकानों के शेड के नीचे सोते मिले। इन लोगों से बात की गई और प्रशासन की ओर से बनाए गए रैन बसेरों के बारे बताया। अधिकांश लोगों को रैन बसेरों की जानकारी नहीं थी।
इस दौरान डीसी ने रेडक्रॉस सचिव डॉ. सुनील कुमार को निर्देश दिए कि सभी व्यक्तियों को रैन बसेरों में पहुंचाया जाए। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद लोगों के लिए सरकार ने रैन बसेरों का निर्माण किया है। रैन बसेरों में सर्दी से बचाव के सभी प्रबंध किए गए हैं। इस दौरान एनजीओ शांति फाउंडेशन से प्रिया, पीएफए ऑर्गेनाइजेशन से जतिन त्यागी, स्माइल फाउंडेशन से संजीव मेहता, राहुल दुरेजा, रेडक्रॉस से शशि भूषण, विजय सिंह, कंवरपाल, गोविंद, नगर निगम से रमेश आदि उपस्थित रहे।