यमुनानगर। ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा’। नेताजी की यह पंक्तियां युवा ही नहीं बल्कि देश के हर नागरिक में नवीन ऊर्जा का प्रवाह करती हैं। यही कारण है कि देश की आजादी के सिपाही नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृतियां अपने पूर्वजों के माध्यम से लोगों की जेहन में आज भी ताजा हैं। जय हिंद का उनका नारा आज के साथ ही भविष्य में भी लोगों में भक्ति का प्रवाह भरता रहेगा।
आजादी के 75 साल बाद भी नेताजी की शिक्षा, संकल्प व कर्तव्य के प्रति दृढ़ता देश वासियों का मार्गदर्शन करती है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अकेले ही ब्रिटिश सरकार की जड़ें हिला दी थी। कोलकाता से हजारों मील दूर जापान जाकर आजाद हिंद फौज का निर्माण करके उन्होंने दुनिया भर को हैरान कर दिया था। नेताजी के व्यक्तित्व से हिटलर व मुसोलिनी की तानाशाह भी बेहद प्रभावित थे। चलो दिल्ली का नारा देकर आजाद हिंद फौज ने आजादी का बिगुल बजा दिया था। दुर्भाग्य से एक विमान दुर्घटना में नेताजी सभी को अलविदा कह गए। देश की युवा पीढ़ी को आज भी उनकी शिक्षाएं बेहद प्रभावित करती हैं। जिले में हजारों लोगों के आदर्श नेताजी की 125 वीं जयंती पर लोग उन्हें नमन कर रहे हैं। वहीं जिले के युवा उनके बताए मार्ग पर स्वावलंबी बनने की प्रेरणा ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुभाष चंद्र बोस असाधारण नेतृत्व कौशल और करिश्माई वक्ता थे। वहीं सबसे प्रभावशाली स्वतंत्रता सेनानी माना जाता है। उनके नारे तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा ने लोगों को एक कर दिया। वहीं जय हिंद का नारा आज व भविष्य में भी लोगों में भक्ति का प्रवाह भरता रहेगा।
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नेताजी का जीवन देशभक्ति की कभी न मिटने वाली मिसाल
नेताजी का जीवन देशभक्ति की कभी न मिटने वाली मिसाल हैं। जो भविष्य में भी युवा ही नहीं बल्कि देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणा रहेगी। नेताजी की एक नहीं सभी बातें प्रभावित करती हैं। वे कुशल वक्ता थे, उनकी हर बात दू होती थी। सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर वे नौकरशाह बनकर आराम की जिंदगी बिता सकते थे, परंतु उन्होंने यह पद त्याग दिया। देशवासियों को बताया कि मातृभूमि के सम्मान से बढ़कर कोई संपत्ति नहीं है, नेताजी ने यह शिक्षा दी है।
- छात्र भानु प्रताप।
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नारी उत्थान के प्रबल समर्थक थे
नेजाजी नारी उत्थान व योगदान के प्रबल समर्थक थे। भारत में नारियों को घर से बाहर निकलने पर भी पाबंदी थी और अबला समझा जाता था, तब नेताजी ने महिलाओं केे अपनी फौज में सैनिक बनाया। उन्होंने फौज में झांसी की रानी रेजिमेंट बनाकर देश की अन्य महिलाओं में आत्मविश्वास भरा। यह आज भी प्रासंगिक हैं और यह विशेषता उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। उन्होंने महिलाओं में देश की उन्नति और सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। जिसके बाद से महिलाएं देश की उन्नति में हर क्षेत्र में सहयोग दे रही हैं।
छात्रा शिवी राणा
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जय हिंद का नारा जगाता है देश भक्ति
दूसरे देश में जाकर विभिन्न स्थानों में भारतवासियों को एकजुट करना व फौज तैयार करना किसी असाधारण व्यक्ति के लिए ही संभव था। उनका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि लोग स्वयं ही उनसे जुड़ जाते थे। उनकी यही बातें सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं कि दृढ़ निश्चय से असंभव दिखने वाला हर कार्य संभव किया जा सकता है। उन्होंने लोगों में स्वाभिमान व देश सेवा के लिए जीने का जज्बा पैदा किया। यह उन्हें प्रेरित करता है।
ईशान शर्मा, राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता
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विद्यार्थियों को पढ़ाई जाए जीवनी
नेताजी सुभाष चंद्र बोस अद्भुत व्यतित्व के स्वामी थे। उनका प्रभाव ऐसा था कि तानाशाह प्रवृत्ति के लोग भी उनके प्रशंसक बन गए थे। अंग्रेजी हुकूमत भी उनका प्रभाव मानती थी, इसी कारण अंग्रेज उन्हें पकड़कर उनकी कुशलता व एकाग्रता का स्रोत जानना चाहते थे। ऐसे महान देशभक्त, स्वतंत्रता सेनानी, कुशल नेता व मार्गदर्शक की जीवनी विद्यार्थियों को पढ़ानी चाहिए। उनके जीवन से जुड़ी हर छोटी बड़ी बात प्रेरणादायक है। युवा सही राह अपनाएं इसके लिए उन्हें नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
अनिल बुद्धिराजा, प्रिंसिपल, पॉलिटेक्निक, दामला।
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