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हथिनीकुंड बैराज पर पहुंचे मेहमान परिंदे

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हथिनी कुंड बैराज में पहुंचे प्रवासी पक्षी। - फोटो : Yamuna Nagar
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नवाब खान
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प्रतापनगर। सर्दी शुरू होते ही हथिनीकुुंड बैराज पर प्रवासी पक्षी भी पहुंचने लगे हैं। हालांकि अभी इनकी संख्या कम है, लेकिन जैसे-जैसे सर्दी बढ़ जाएगी इनकी संख्या में भी इजाफा होता चला जाएगा। कुंड पर बैठे इन प्रवासियों पक्षियों की आवाज भी दूर-दूर तक सुनाई देती है। हर कोई इन पक्षियों का मनोरम दृश्य देखने के लिए खड़ा हो जाता है। पानी में इनकी कलाबाजियां ऐसी लगती हैं कि जैसे मछलियां पानी में डुबकी लगा रही हों।
पिछले वर्ष अक्तूबर और नवंबर में ही अच्छी खासी सर्दी बढ़नी शुरू हो गई थी। इस पर अक्तूबर में ही हथिनीकुंड बैराज पर प्रवासी पक्षियों की संख्या हजारों में पहुंच गई थी। हालांकि वाइल्ड लाइफ की तरफ से यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। विदेशों से यहां पहुंचने वाले पक्षियों को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक भी यहां आने शुरू हो जाते हैं। नहर में पानी पीते, कलाबाजी करते इन प्रवासी पक्षियों को देखने से प्रतीत होता है कि यहां का वातावरण इन्हें खूब भाता है। इस समय क्षेत्र में नेशनल पार्क कलेसर, ताजेवाला, नहर घाट, दादूपुर हेड, पश्चिमी यमुना नहर, बुडिया व हमीदा हेड आदि स्थानों पर यह प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं। संवाद
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इन पक्षियों का होता है आगमन
सर्दी के मौसम में विदेशी साइबेरियन मुरगाबी, पिंन टेल डक, सपोर्ट बिल, हेडेड गूज एवं कूट आदि प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी वैसे-वैसे प्रवासी पक्षियों की संख्या में इजाफा होगा। इसके बाद पूरी सर्दी में प्रवासी पक्षी नहर इलाकों में देखे जा सकेंगे। करीब 4 महीने तक यह प्रवासी मेहमान यहां रहेंगे।
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वाइल्ड लाइफ जिला अधिकारी सुनील तंवर का कहना है कि विभाग की तरफ से प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर और भिंडावास हरियाणा का बर्ड सेंचुरी एरिया है। वहां पर आने वाले पक्षियों का डाटा भी रखा जाता है। हथिनीकुंड बैराज पर आने वाले पक्षियों का डाटा रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यहां पर कोई बर्ड सेंचुरी नहीं है।
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