यमुनानगर। कपालमोचन मेले तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए तीन जिलों के रोडवेज डिपो पर बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। इनमें यमुनानगर, अंबाला और कुरुक्षेत्र शामिल हैं। तीनों डिपो की तरफ से कुल 250 बसों का प्रबंध किया गया। हजारों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बसों की संख्या अधिक होनी चाहिए। तीनों डिपो में पहले से बसों का टोटा है, ऐसे में रोडवेज के लिए यह बड़ी चुनौती भी बनी रहेगी।
वहीं अक्सर रोडवेज बस के माध्यम से मेले में जाने वाले बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो मुफ्त यात्रा करने की ताक में रहते हैं। ऐसे मुफ्तखोरों को पकड़ने के लिए डिपो की तरफ से 60 निरीक्षकों की टीम तैयार की गई है। यह निरीक्षक जगह-जगह बनाई गई 20 चेकिंग पोस्ट पर तैनात रहेंगे। डिपो की तरफ से जगाधरी से बिलासपुर के बीच में दस और साढौरा से बिलासपुर के बीच में भी दस चेकिंग पोस्ट बनाई गई है।
बिलासपुर के शिव चौक से अंबाला, बिलासपुर से यमुनानगर, बिलासपुर से कुरुक्षेत्र और इसी तरह तीनों जिलों से बिलासपुर बसों के फेरे रहेंगे। यह बसें 15 नवंबर से शुरू हो जाएंगी और 19 नवंबर तक चलेगी। इसके अलावा रोडवेज की तरफ से पांच स्पेशल हैवी क्रेनों का इंतजाम किया गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते मेला लग नहीं पाया था। अब दोबारा से मेला लगने के चलते भीड़ पहले से बढ़ सकती है। वहीं बसों में यात्रियों के सफर से डिपो को लाखों रुपये का राजस्व भी होगा। संवाद
मेले में यात्रियों को ले जाने के लिए 250 बसों का इंतजाम किया गया है। इनमें यमुनानगर के अलावा, अंबाला और कुरुक्षेत्र की बसें शामिल हैं। बसोें में बिना टिकट यात्रियोें की जांच के लिए 60 निरीक्षकों की टीम तैयार की गई है। इसके अलावा यमुनानगर रेलवे स्टेशन से भी समय के अनुसार बसों को चलाया जाएगा। किसी भी यात्री को दिक्कत आनी नहीं दी जाएगी। - रविंद्र पाठक, महाप्रबंधक, रोडवेज, यमुनानगर