संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश अमरिंद्र शर्मा की कोर्ट ने सरकारी ट्रांसफार्मर को बेचने वाले बिजली निगम के छह जेई को चार-चार साल कैद की सजा और 30-30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं ट्रांसफार्मर उन्हें खरीदने वाले पांच लोगों को चार-चार साल की सजा और 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
करीब पांच साल से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। 13 अगस्त को कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए कुरुक्षेत्र की प्रोफेसर कालोनी निवासी जेई राकेश कुमार, जगाधरी की रूप नगर कालोनी निवासी जेई प्रवीन कुमार, फर्कपुर निवासी जेई अनिल कुमार, मैहलावाली निवासी जेई संजीव कुमार, सेक्टर-3 निवासी जेई प्रवीन कश्यप, लाडवा निवासी जेई गुरमीत सिंह ,गंगोह सहारनपुर निवासी सचिन कुमार, ढांड कैथल निवासी रमन कुमार, ननौता सहारनपुर निवासी अजय कुमार, करनाल के इंद्री निवासी संदीप कुमार व गुलाब नगर निवासी राधेश्याम को दोषी करार दिया था। सोमवार को इन सभी को सजा सुनाई गई।
उल्लेखनीय है कि फर्कपुर पुलिस ने यूएचबीवीएन विजिलेंस धूलकोट अंबाला के जेई मनोज पूरी की शिकायत पर 26 अक्टूबर 2016 को केस दर्ज किया था। जेई मनोज पूरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि गुप्त सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने ममीदी रोड स्थित शुभम इलेक्ट्रोनिक्स पर छापेमारी की। जांच में पाया गया कि दुकान का मालिक अजय कुमार, बिजली निगम के जेई के साथ मिलकर सरकारी ट्रांसफार्मर की खरीद फरोख्त करता है। ट्रांसफार्मर से सामान निकालकर उसे प्राइवेट ट्रांसफार्मर में डाल देता है। इससे दोनों पक्ष रुपये कमा रहे हैं। दुकान पर 11 ट्रांसफार्मर मिलें, जिसमें से चार सरकारी थे। आरोपी ने माना कि तीन ट्रांसफार्मर लाडवा तैनात जेई से व एक जगाधरी सिटी सब डिविजन में कार्यरत जेई से खरीदा है।
नियमानुसार कर्मचारी ट्रांसफार्मर को प्राइवेट व्यक्ति को नहीं दे सकता। मामले में संलिप्त जेई ने सरकारी संपत्ति बेचकर गैर कानूनी कार्य किया है। तब पुलिस ने मामले में पुलिस ने तब कुरुक्षेत्र की प्रोफेसर कालोनी निवासी जेई राकेश कुमार, जगाधरी की रूप नगर कालोनी निवासी जेई प्रवीन कुमार, फर्कपुर निवासी जेई अनिल कुमार, मैहलावाली निवासी जेई संजीव कुमार, सेक्टर-3 निवासी जेई प्रवीन कश्यप, लाडवा निवासी जेई गुरमीत सिंह ,गंगोह सहारनपुर निवासी सचिन कुमार, ढांड कैथल निवासी रमन कुमार, ननौता सहारनपुर निवासी अजय कुमार, करनाल के इंद्री निवासी संदीप कुमार व गुलाब नगर निवासी राधेश्याम पर केस दर्ज किया था। इसके बाद मामले की जांच डीएसपी रेंक के अधिकारियों द्वारा की गई। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया।