हरियाणा के यमुनानगर में बारिश के बीच डेंगू ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। शहर में डेंगू के पांच नए केस मिले हैं। इनमें नौ व 13 साल के बच्चों व 83 वर्षीय बुजुर्ग समेत पांच लोग शामिल हैं। जगह-जगह जमा बारिश का पानी आने वाले दिनों में आमजन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की मुसीबत भी बढ़ा सकता है। क्योंकि ठहरे हुए पानी में मच्छर का लारवा पनपता है। अब जिले में डेंगू के कुल छह केस हो गए हैं। जून माह में डेंगू का पहला केस बूड़िया में मिला था। उसमें 30 वर्षीय युवक डेंगू की चपेट में आया था गत वर्ष जिले में डेंगू के कुल 932 केस मिले थे।
डेंगू के जो पांच नए केस मिले हैं उनमें नौ वर्षीय बच्चा गांधी धाम जगाधरी में, बैंक कॉलोनी में 27 वर्षीय महिला, सेक्टर-18 में 83 वर्षीय बुजुर्ग, शिव नगर कॉलोनी नालागढ़ की माजरी जगाधरी में 13 साल का बच्चा, कांसापुर में 30 वर्षीय युवक शामिल हैं।
जहां पर डेंगू केस मिले हैं वहां पर स्वास्थ्य विभाग के आदेशों पर नगर निगम फॉगिंग करवा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में डेंगू के केसों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि रूक-रूक कर हो रही बारिश का पानी घरों की छतों व खाली बर्तनों में जमा हो रहा है। जिसमें डेंगू का लारवा पनप रहा है।
विभाग ने बनाए 30 बेड का डेंगू वार्ड
डेंगू के एक साथ पांच केस मिलने पर जिला मलेरिया विभाग ने मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल समेत विभिन्न जगहों पर 30 बेड के डेंगू वार्ड बना दिए हैं। जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड के लिए 10 बेड, जगाधरी अस्पताल में 8, ईएएसआई अस्पताल में 4, साढौरा अस्पताल में 2 व सभी सात सीएचसी में एक-एक बेड आरक्षित किया गया है। इन सभी बेड पर मच्छरदानी लगाई गई है।
ऑडियो क्लिप से भी अपील
बारिश के बाद अक्सर डेंगू व मलेरिया फैल जाता है। इसे देखते हुए जिला मलेरिया विभाग लोगों को जागरूक भी कर रहा है। इसके लिए विभाग की तरफ से ऑडियो क्लिप तैयार कराई गई है। यह ऑडियो नगर निगम के उन वाहनों में चलाई जा रही हैं जो सुबह से शाम तक लोगों के घरों से कचरा उठाने में लगे हुए हैं। ऑडियो में बताया गया है कि लोग घरों की छतों, खाली बर्तनों आदि में बारिश का पानी जमा न होने दें। फ्रिज के पीछे लगी ट्रे को सप्ताह में एक बार जरूर साफ करें। ताकि उनमें डेंगू के मच्छर का लारवा पनप न सके।
स्वास्थ्य विभाग तैयार है : डॉ. सुशीला सैनी
डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि शहर में डेंगू के पांच नए केस मिले हैं। इन सभी की हालत स्थिर है। जहां केस मिले हैं वहां नगर निगम को फॉगिंग कराने को कहा है। डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी है। कैंप लगाकर लोगों के रक्त के नमूने लिए जा रहे हैं। इसमें आमजन काे भी जागरूक होना पड़ेगा। वह घरों में पानी जमा न होने दें ताकि मच्छर का लारवा न पनप सके।
डेंगू के लक्षण
डेंगू के शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज ठंड लगती है। सिरदर्द, कमरदर्द व आंखों में तेज दर्द हो सकता है। साथ ही लगातार तेज बुखार रहता है। इसके अलावा जोड़ों में दर्द, बेचैनी, उल्टियां, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बचाव के उपाय
डेंगू से बचाव के लिए सजगता जरूरी है। डेंगू का वायरस मच्छरों द्वारा संक्रमित होता है, इसलिए सबसे अधिक जरूरी है कि मच्छरों को घर में बिल्कुल न होने दें। साफ-सफाई जरूरी है, क्योंकि गंदगी में डेंगू के मच्छरों की आशंका बढ़ जाती है। बाल्टियों व ड्रम में जमा पानी को ढककर रखें और आसपास के गड्ढे आदि में पानी न होने दें।