यमुनानगर। बिलासपुर के कपाल मोचन मेले में मारपीट करने और ई-रिक्शा के शीशे तोड़ने के विरोध में चालकों ने सड़क परिवहन अधिकारी सचिव के कार्यालय पहुंच रोष जताया। सड़क परिवहन सचिव ने जांच के बाद कार्रवाई कराने का भरोसा दिया ै।
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा को लेकर आने-जाने के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई थी। करीब 50 ई-रिक्शा चालक कपाल मोचन मेले में पहुंचे थे। आरोप है कि मेले में कुछ पुलिस कर्मियों ने ई-रिक्शा चालकों के साथ मारपीट की और उनको मेले में कहीं भी आने-जाने की परमिशन नहीं दी गई। यहां तक कि उनकी गाड़ियों को मेले में लगे नाके पर ही रोक दिया गया और पुलिस ने उनकी ई-रिक्शा के शीशे भी तोड़े दिए।
यूनियन के प्रधान रमेश मंगा के मांग की कि ई-रिक्शा चालकों को उनके रिक्शा के नुकसान की भरपाई की जाए। हालांकि उन्होंने कोई भी लिखित शिकायत संबंधित थाना में नहीं दी है। सड़क परिवहन सचिव सुभाष चंद्र का कहना है कि कपाल मोचन मेले के अंदर ई-रिक्शा व अन्य वाहन ले जाने की अनुमति नहीं थी। इस पर वाहनों को अंदर जाने नहीं दिया गया। मारपीट करना व शीशे तोड़ना गलत है। मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद आगामी कार्रवाई कराई जाएगी।