संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के के अनुसार ज्ञापन देने नगर निगम के जगाधरी कार्यालय में उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल कोई अधिकारी नहीं नहीं। करीब 11 बजे तक किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर व्यापारी निगम कार्यालय यमुनानगर पहुंचे और आयुक्त को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। उद्योग व्यापार मंडल ज्ञापन में संपत्ति सर्वे रद्द करने की मांग की।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष दीपक कपूर के नेतृत्व में उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र मित्तल व वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र बजाज ने ज्ञापन सौंपा। महेंद्र मित्तल ने कहा कि सरकार की नीतियों से लोग पीड़ित हैं। सरकार व शहरी निकाय मंत्रालय की नीतियों के कारण लोग उलझन में हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञापन कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। इसके लिए अधिकारियों को अवगत करवाया गया था। बावजूद इसके निगम कार्यालय में अधिकारी नहीं थे। अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र बजाज ने कहा कि नगर निगम की ओर से 100 गज की प्रॉपर्टी पर हजार गज का टैक्स भरने का नोटिस भेजा जा रहा। नोटिस में घरेलू संपत्ति को व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति को घरेलू बताया जा रहा है। दो या तीन भागों में बंट चुकी संपत्ति को इकट्ठा करके भेजा जा रहा है। प्रदेश महासचिव आशीष मित्तल ने कहा संपत्ति सर्वे गलत तरीके से किया गया है।
सर्वे के नाम पर भी खानापूर्ति कर दी गई हैं। गलती नगर निगम की है और इसे ठीक करवाने के लिए लोगों को कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यही नहीं कार्यालय पहुंचने पर अधिकारी व कर्मचारी लोगों से सीधी बात नहीं करते हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने कहा कि नगर निगम खर्च तो ले रहा है, किंतु नागरिकों को सुविधाएं नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह सर्वे रद्द किया जाए।
जिलाध्यक्ष दीपक कपूर ने कहा नगर निगम अधिकारियों ने नियमित कॉलोनियों को अनियमित बताया जा रहा है। अनियमित कॉलोनी के लोगों से संपत्ति कर वसूला जा रहा है, जिससे संपत्ति का क्रय व विक्रय नहीं हो पा रहा है। जरूरतमंद व्यक्ति बैंकों से लोन तक नहीं ले पा रहा है।
राज्यपाल को बताएंगे अधिकारियों की कार्यप्रणाली : मित्तल
इस दौरान महेंद्र मित्तल ने कहा कि जगाधरी नगर निगम कार्यालय में सुबह 11 बजे कोई भी अधिकारी वहां पर मौजूद न था। यहां पर मेयर और आयुक्त बैठना नहीं चाहते हैं। सप्ताह में एक दिन मेयर व अधिकारियों को यहां बैठना चाहिए। व्यापारी नेताओं ने कहा कि इसके लिए जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर अधिकारियों की कार्यप्रणाली उजागर की जाएगी। वहीं संपत्ति स्वामी सर्वे रद्द करने की मांग की जाएगी। इसके बाद शहर के लोगों के साथ अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सुमन लता, शुभम कक्कड़, कमल धीमान, जतिन गोयल, सुरजीत सहित अन्य उपस्थित रहे।