सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने के मामले में इकोनॉमिक सेल की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बाबा कॉलोनी निवासी राहुल से एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग में क्लर्क की नौकरी लगवाने के नाम पर 4.85 लाख ठगे थे। आरोपियों की पहचान पंजाब के होशियारपुर जिले के माघासीपुर निवासी मदन और फर्कपुर थानाक्षेत्र के विष्णु नगर निवासी वरुण के रूप में हुई। मदन से नकदी, मोबाइल और दस्तावेज बरामद किए गए। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से आरोपियों को रिमांड पर मांगा था लेकिन कोर्ट ने देने से मना कर दिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इकोनॉमिक सेल इंचार्ज निरीक्षक सोमवती ने बताया कि सितंबर में फ़र्कपुर थाने की पुलिस ने बाबा कॉलोनी निवासी राहुल की शिकायत पर मदन और वरुण के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। आरोपियों ने 4.85 लाख रुपये लेकर एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग में क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। आरोपियों ने भुक्तभोगी को हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड के चेयरमैन की फर्जी साइन का लेटर भी दिया था। पुलिस ने केस दर्ज कर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी मदन पहले से ही एक अन्य मामले में अंबाला जेल में बंद है। वहां से पुलिस ने उससे फर्कपुर में दर्ज केस में पूछताछ की थी। आरोपी ने पूछताछ में अपने एक अन्य साथी के नाम का खुलासा किया था। इकोनॉमिक सेल ने इसको लेकर अदालत से रिमांड मांगी थी लेकिन अदालत ने रिमांड देने से मना कर दिया था।
सितंबर 2021 में बाबा कॉलोनी निवासी राहुल शर्मा ने फर्कपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह बीबीए करने के बाद बेरोजगार था। विष्णु नगर निवासी वरुण उसके पड़ोस में रहता है। उसने उससे कहा था कि होशियारपुर जिले के माघासीपुर निवासी मदन ने उसे नौकरी पर लगवाया है। वह उसे भी लगवा देगा। एक दिन मदन यमुनानगर में वरुण के घर आया और कहा कि वह पंचकूला में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में काम करता है। वह उसकी नौकरी लगवा देगा। आरोपी ने उसे पंचकूला में अपने ऑफिस बुलाया। 18 नवंबर 2019 को वह हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के ऑफिस में गया। वहां ऑफिस के पास पार्क में उसे मदन मिला। उसने कहा कि वह एक्साइज एंड टैक्सेशन में उसे क्लर्क की नौकरी दिलवा देगा। इसके लिए उसे पांच लाख रुपये देने होंगे। आरोपी ने कहा था कि वह सेंटिंग से उसका बैक डेट में साक्षात्कार करवा देगा। उसने बहुत लोगों की पहले भी इस तरह नौकरी लगवाई है। उसने उसे कुछ पैसे दे दिए। इसके बाद आरोपी ने 20 जनवरी 2020 को उसके मोबाइल पर ज्वाइनिंग लेटर भेजा। वह उससे 4.85 लाख रुपये ले चुका है लेकिन कहीं ज्वाइनिंग नहीं करवाई। जब उसने अपने पैसे मांगे तो उसने एक लाख का चेक दे दिया लेकिन वह बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी ने उसे चार हजार रुपये दिए लेकिन अन्य पैसे नहीं लौटाए।