माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। इस बार छठ पूजा का पर्व 10 नवंबर को मनाया जाएगा। इसके लिए पश्चिमी यमुना नहर के घाटों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएंगे। यह फैसला जिला उपायुक्त और अधिकारियों की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया। जिला उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने अधिकारियों से पश्चिमी यमुना नहर के घाटों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
डीसी ने कहा कि पश्चिमी यमुना नहर के प्रमुख घाटों हमीदा, बाडी माजरा पुल, सिटी सेंटर घाट, जगाधरी-कैत-कलानौर मार्ग पर गांव फतेहपुर घाट, जम्मू कॉलोनी घाट, चिट्टा मंदिर घाट तथा बुड़िया घाट पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएं। सभी प्रकार के प्रबंध संबंधित विभाग 30 अक्तूबर तक पूरे कर लें।
उन्होंने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि पश्चिमी यमुना नहर पर स्थान निश्चित कर पक्के घाट तैयार किए जाएं, ताकि भविष्य में त्योहारों पर लोग गहरे पानी में जाने ही न पाएं और अलग से बनाए जाने वाले घाट पर ही स्नान कर सकें। डीसी ने कहा कि प्रबंधों की वह 29 अक्तूबर को समीक्षा करेंगे। उन्होंने से अपील है कि केमिकल से बनाई गई मूर्तियों का विसर्जन करें।
ऐसा करने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 5 के तहत 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है और सेक्शन 15 के तहत एक लाख रुपये तक का जुर्माना व 5 साल तक की सजा हो सकती है। बैठक में जगाधरी के एसडीएम सुशील कुमार, रादौर के एसडीएम डॉ. इंद्रजीत सिंह, डीएसपी हेड क्वार्टर सुभाष चंद्र, जिला राजस्व अधिकारी रामफल कटारिया, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता विनोद कुमार, जन स्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता, प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी निर्मल कश्यप आदि मौजूद थे।
इस बार होंगी ये व्यवस्थाएं
घाटों पर लगभग दो फीट गहरे पानी तक लकड़ी की बल्लियां लगाई जाएंगी।
बल्लियों पर रस्सियां बांधने अलावा पानी की गहराई दर्शाई जाएगी।
श्रद्धालु गहरे पानी में न जाकर इन अवरोधकों को पकड़कर पूजा करेंगे।
पश्चिमी यमुना नहर के सभी घाटों के नजदीक फॉगिंग होगी।
सभी घाटों पर बैरिकेडिंग की जाएगी।
पूजा के लिए पंडाल भी लगाए जाएंगे।
48 घंटे पहले साफ सफाई का कार्य शुरू करने के निर्देश।
घाटों पर किश्तियों के साथ गोताखोर एवं तैराक तैनात रहेंगे