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दिन ढलते ही छछरौली मंडी पर लटक जाता है ताला

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छछरौली अनाजमंडी के गेट पर लटका ताला। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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छछरौली। जिले की अनाज मंडियों में किसान और आढ़तियों को फसल के सीजन में हर बार मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। छछरौली अनाज मंडी में हालत इतने खराब हैं कि नियमों को ताक पर रखकर दिन ढलते ही गेट बंद करके ताला लगा दिया जाता है। दादूपुर रोड की तरफ के गेट पर ताला लगने से किसानों को बाहर ही इंतजार करना पड़ता है। सुबह जब कर्मचारी आकर ताला खोलते हैं, तब किसान अपनी ट्रैक्टर ट्राली अंदर लेकर आते हैं।
किसान प्रदीप चौधरी, रामलाल, शिवकुमार, रामकिशन ने बताया कि रात के समय एक गेट बंद होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धान का सीजन शुरू हो चुका है और किसान धान लेकर मंडी तो पहुंच जाते हैं, लेकिन तब तक गेट बंद हो जाते हैं। किसान मंडी का गेट खुलवाने के लिए भटकते रहते हैं। इसे लेकर किसानों में मंडी कर्मचारियों के खिलाफ रोष पनप रहा है। उनका कहना है कि छछरौली मार्केट कमेटी सचिव के आदेशानुसार रात 8:00 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक मंडी के कुछ गेट बंद कर दिए जाते हैं।
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किसानों का कहना है कि अनाज मंडी के तीन गेट हैं। इनमें से दादूपुर रोड स्थित गेट हर समय बंद रहता है। ऐसे में क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसान अनाज लेकर गेट पर खड़े रहते हैं। इस बारे में किसानों ने मार्केट कमेटी व अन्य कर्मचारियों को कई बार आग्रह किया। मार्केट कमेटी कार्यालय में लेटर जारी कर कर्मचारियों का अभाव बताया गया है। किसानों की मांग है कि मंडी सीजन के चलते मंडी के सभी गेट 24 घंटे खुले रहने चाहिए।
इस बारे में एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल का कहना है कि मंडी के सीजन में कोई भी गेट बंद नहीं किया जा सकता। अगर ऐसी कोई समस्या है तो इस बारे में सचिव से बात कर समस्या का समाधान करवाया जाएगा। अनाज मंडियों में किसानों को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। अधिकारियों को पहले ही आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
धान खरीद जारी, नहीं उठा पिछले सीजन का गेहूं
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। स्थानीय अनाज मंडी में धान की आवक और खरीद शुरू होने के बाद भी न तो पुराना अनाज उठा व न ही किसानों को अनाज डालने की जगह मिल रही। ऐसे में किसान व आढ़तियों में रोष पनप रहा है।
आढ़तियों ने सरकार से मांग की है कि पुराने अनाज को उठाकर मंडी में जगह उपलब्ध करवाई जाए, लेकिन अब तक भी अनाज नहीं उठाया गया। अनाज मंडी में 25 सितंबर से धान की आवक शुरू हो गई थी। सरकारी खरीद तीन अक्टूबर को शुरू हुई। एक सप्ताह बाद भी मंडियों में पड़े पुराने अनाज को नहीं उठाया गया। ऐसे में किसान अपना अनाज लेकर मंडियों के बाहर धक्के खा रहे हैं।
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फिलहाल अनाज मंडी में डीएफएससी के लगभग 60 हजार बैग पड़े हैं। रविवार होने की वजह से मंडी में धान की खरीद नहीं हो सकी। सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों के आने की उम्मीद है। जिससे मंडी में पहले की तरह जाम लगने की स्थिति बन सकती है। इस बारे में खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर विनोद कुमार का कहना है कि मंडी में फिलहाल जगह मौजूद है। पुराने अनाज को उठाया जा रहा है। किसानों को मंडी में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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