संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिलेभर से आई सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर और सहायक डीसी कार्यालय के सामने डेरा डाले बैठीं हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें मानी नहीं जाती, तब तक वह धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगी।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता राज्य प्रधान कुंज भट्ट कर रही हैं। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर और सहायकों के कैथल में चल रहे धरने को बुधवार को 90 दिन हो जाएंगे। सरकार ने अभी तक उनकी बात नहीं सुनी है। हजारों वर्कर जो दूरदराज के गांवों से आकर डीसी कार्यालय पर रोजाना धरना दे रही हैं। सरकार ने उनकी मांगों का समाधान तो दूर उनसे बात करना भी उचित नहीं समझा है। वहीं अधिकारी दमन नीति अपनाए हुए हैं।
राज्य प्रधान भट्ट ने कहा कि 21 अक्तूबर को महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश डांडा का पुतला फूंका जाएगा। उन्होंने मंत्री कमलेश टांडा पर आरोप लगाया कि वह समाधान करने की वजह है वर्करों को गुमराह कर रही हैं। उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। धरने का संचालन छछरौली की मिथिलेश गुप्ता और बिलासपुर ब्लॉक की प्रधान कमलेश ने की। इस दौरान नीलम देवधर, सुनीता, विजय, मीनू, माधुरी और रितु गुप्ता ने संबोधित किया।
यह है मांगें
विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों को एनजीओ से वापस ले।-आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन से कमला की टर्मिनेशन व अन्य केस वापस ले।-10 मार्च 2018 को यूनियन से किए समझौते में श्रमिक का दर्जा लागू किया जाए।
वर्ष 2018 में 15 सौ रुपये वर्कर और 750 रुपये हेल्पर के मानदेय में की गई बढ़ोतरी लागू की जाए।
सुपरवाइजर के सभी पद वर्कर की सीधी भर्ती से भरे जाएं।
हेल्पर का प्रमोशन 25 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए। आयु सीमा खत्म की जाए।
पोषण टेक एप पर रोक लगाई जाए। एप से दोहरा काम करना पड़ रहा है।
आयुष्मान योजना से वर्कर व हेल्पर को जोड़ा जाए।
सभी का रुका हुआ मानदेय व केंद्रों का किराया दिलाया जाए।