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वाड्रा मामले की जांच रिपोर्ट क्यों नहीं हो रही सार्वजनिक

Fri, 11 Jan 2013 11:52 AM IST
चंडीगढ़/ब्यूरो
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को क्लीन चिट देने वाली तीन सीनियर आईएएस अफसरों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न करने पर सवाल उठने लगे हैं। जांच रिपोर्ट बीते 14 दिन से मुख्य सचिव पीके चौधरी के दफ्तर में ही रखी हुई है। अशोक खेमका ने रिपोर्ट मांगी है और रिपोर्ट सार्वजनिक न करने पर उन्होंने भी सवाल उठाए हैं।
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चकबंदी महानिदेशक के पद पर रहते हुए डॉ. अशोक खेमका ने 12 अक्टूबर को वाड्रा और उनकी कंपनियों के नाम पर चार जिलों मेवात, फरीदाबाद, पलवल और गुड़गांव में की गई जमीन की खरीद-फरोख्त की जानकारी देने और उसमें राजस्व नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट भेजने का आदेश जारी किया था। उन्होंने 15 अक्टूबर को वाड्रा-डीएलएफ डील के तहत गुड़गांव में बेची गई जमीन का इंतकाल रद करने का आदेश जारी किया था। वाड्रा के नाम लाइसेंस रिन्यू करने पर भी खेमका ने सवाल उठाए थे।

सूत्रों के मुताबिक गुड़गांव के उपायुक्त ने इंतकाल को सही करार दिया था और बाद में चारों जिला उपायुक्तों ने वाड्रा को क्लीन चिट दे दी थी। हरियाण सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव कृष्ण मोहन की अध्यक्षता में खेमका के दोनों आदेशों की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव केके जालान और प्रधान सचिव राजन गुप्ता शामिल थे।
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कमेटी ने 30 दिन के बजाय 70 दिन बाद 28 दिसंबर को रिपोर्ट दी। कमेटी ने वाड्रा और डीएलएफ को क्लीन चिट दी है मगर रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण मोहन और सदस्य राजन गुप्ता ने कहा है कि रिपोर्ट के बारे में सरकार ही बताएगी।

हरियाणा बीज विकास निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक खेमका का कहना है कि उन्होंने जांच कमेटी गठित करने के आदेश और जांच रिपोर्ट की प्रति मांगी है लेकिन उनको रिपोर्ट नहीं दी जा रही है।

वहीं मुख्य सचिव पीके चौधरी ने कहा कि यह सरकार का आंतरिक मामला है। जब सरकार को रिपोर्ट सार्वजनिक करनी होगी तो कर देगी। अशोक खेमका चाहे पत्र लिखते रहें।
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