कृषि कानूनों की वापसी व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून की मांग को लेकर पलवल के अटोहां चौक पर चल रहे किसानों के धरने में रविवार को निर्णय लिया गया कि नौ अगस्त को पलवल से जंतर-मंतर पर काफी संख्या में महिलाएं व पुरुष हिस्सा लेने जाएंगे। रविवार को धरने की अध्यक्षता 52 पाल के चौधरी अरुण जेलदार ने की। संचालन किशन चंद बंचारी ने किया। इस अवसर पर सौरोत पाल के किसानों ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने कहा कि दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर चल रही किसान संसद में महिलाएं किसान 9 अगस्त को मोदी गद्दी छोड़ो अभियान की शुरुआत करेंगी। इस अभियान में पलवल जिले से भी महिला और पुरूष किसान शामिल होंगे। आंदोलन में शामिल हुए किसानों ने कहा कि सरकार को तीनों कृषि कानून वापिस लेने होंगे। एमएसपी गारंटी बिल पास करना होगा।
किसानों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार किसानों की मांगों को मान नहीं लेती है। किसान आंदोलन को चलते-चलते 8 माह से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन सरकार किसानों की सुनने को तयार नहीं है। किसान अलग-अलग तरीकों से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी बात रख रहे हैं। सरकार द्वारा किसानों की बातें नहीं मानने के कारण देश के किसानों में सरकार के खिलाफ काफी रोष है। आंदोलन को और तेज करने के लिए किसान अलग-अलग रणनीति में जुटे रहते हैं। किसान आंदोलन में लगातार महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है।
महिलाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि इलाके की महिलाएं एकजुट होकर किसानों के साथ रहेंगी और उनके आंदोलन में हर तरीके से सहयोग करेंगी। धरने को सिकंदर, जगदीश नांगल जाट, सुखराम, गोबिंदराम खिरबी, अच्छेलाल जोधपुर, इंद्रसिंह सहरावत, रणजीत चौहान मीतरौल, चंदन सिंह डराना, ब्रजलाल मीतरौल, सुभाष गढ़ी, बीर सिंह मीतरौल, हुकम सिंह ने संबोधित किया।