कुंडली बॉर्डर पर भाकियू की बैठक को संबोधित करते गुरनाम सिंह चढ़ूनी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि दिल्ली के बॉर्डरों पर चल रहे धरनों पर अब किसानों की संख्या फिर से बढ़ाई जाएगी। इसके लिए उन्होंने हर ब्लॉक से कम से कम 100 किसानों को कुंडली बॉर्डर पर रोजाना मौजूद रहने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान संगठनों की एक बैठक 7 नवंबर को जींद में बुलाई गई है, जिसमें कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। एसकेएम की बैठक में 26 नवंबर को दिल्ली कूच करने व पीएम आवास और संसद का घेराव करने का प्रस्ताव रखेंगे। वह सोमवार को कुंडली बॉर्डर पर प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में बोल रहे थे।
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आगे की रणनीति बनाई गई
यूनियन ने किसान आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति बनाई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि सरकार की गतिविधियों से किसानों में हलचल मची हुई है। रास्ता खुलवाने के नाम पर सरकार किसानों को धरने से उठाना चाहती है, लेकिन किसान सरकार के षड़यंत्र को अच्छे से समझते हैं। उन्होंने कहा कि किसान सरकार की हरकतों से डरने वाले नहीं हैं और कृषि कानून रद्द होने तक यहां डटे रहेंगे। टीकरी बॉर्डर पर रास्ता खोलने के प्रस्ताव पर उन्होंने साफ कहा कि वहां जो किसान नेता तैनात हैं, वही इस बारे में ज्यादा बता पाएंगे, लेकिन यह स्पष्ट है कि पुलिस कुंडली बॉर्डर पर रास्ता खोलने का प्रयास नहीं करेगी।
सरकार को मांगें माननी होंगी
क्योंकि यहां पुलिस ने खुद ही कंक्रीट की मोटी दीवार बनाई थी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार या पुलिस ऐसा करती है, तो उसके लिए भी वे तैयार हैं। किसान सड़कों से तभी उठेंगे, जब सरकार उनकी मांगें मानेगी। वहीं, राकेश टिकैत के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ दिल्ली कूच करने के बयान पर उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाकर क्या कर लिया था, जबकि किसानों का 200 करोड़ का डीजल फूंक डाला था। इस तरह निर्णयों में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।
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किसान न लें पुलिस का समन
वे एसकेएम की बैठक में प्रस्ताव रखेंगे कि अगर दिल्ली कूच करना है तो वहां पीएम आवास व सांसद के बाहर जाकर धरना शुरू करें। साथ ही उन्होंने कहा कि एसकेएम की 6 व 9 नवंबर को होने वाली बैठक में कई अहम फैसला लिए जाएंगे। गुरनाम सिंह ने किसानों पर दर्ज मुकदमों को लेकर कहा कि वे पुलिस से कोई समन न लें और यदि समन ले लिए हैं, तो पेश न हों। उन्होंने डीएपी खाद की कालाबाजारी के बारे में किसानों से कहा कि यदि उन्हें लगे कि कुछ गड़बड़ है, तो एरिया अधिकारी से मिलकर शिकायत करें। साथ ही जलभराव व बारिश से बर्बाद हुई फसल के मुआवजे के लिए किसान यूनियन की मदद से अपनी लड़ाई लड़ें।
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किसान आंदोलन को लगातार किया जा रहा मजबूत
दल्लेवाल संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि किसान आंदोलन को लगातार मजबूत किया जा रहा है। एसकेएम की बैठक में आंदोलन को तेज करने को लेकर कई अहम फैसले लेंगे। उन्होंने दिल्ली कूच को लेकर राकेश टिकैत व गुरनाम सिंह चढ़ूनी के बयानों को उनकी निजी राय बताया। एसकेएम नेता ने कहा कि पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह व वर्तमान सीएम चरणजीत सिंह चन्नी अपनी राजनीति के लिए कुछ भी करें। संयुक्त किसान मोर्चा उत्तराखंड व यूपी चुनाव में भाजपा का बहिष्कार करेगा।