चाचा-चाची की तरफ कोमल का भी सपना आर्मी में जाने का था। अजीत दहिया ने बताया कि कोमल ने जब अपने सपने का जिक्र किया तो सभी ने उसका पूरा स्पोर्ट किया। चाचा प्रवीन आंतिल, बड़ी बहन आरती दहिया, सहित पूरे परिवार ने आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कोमल ने अपने सपने को उड़ान देने के लिए कड़ी मेहनत की और 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई कर एनडीए में चयनित हुई। कोमल का कहना है कि इस उपलब्धि को हासिल कर वह बेहद खुश है।
फ्लाइंग ऑफिसर बनना चाहती है कोमल
कोमल दहिया ने बताया कि वह फ्लाइंग ऑफिसर बनना चाहती हैं। एनडीए के लिए जब आवेदन किया तो फ्लाइंग ऑफिसर के लिए दो ही सीट थी। उन्होंने कड़ी मेहनत की और पहली सीट पर अपना स्थान पक्का किया। लाडली की उपलब्धि पर दादा राज सिंह दहिया, दादी कमला दहिया, ताऊ सुरेंद्र दहिया, माता प्रवीण, चाची पुष्पा दहिया, भाई आदित्य दहिया व कुणाल दहिया सहित परिजनों ने बधाई दी।
चार साल का प्रशिक्षण, फिर मिलेगा रैंक
एनडीए में चयनित जिले की दोनों बेटियां अब चार साल के लिए ट्रेनिंग पर जाएंगी। उसके बाद उन्हें कमिशन मिलेगा। कृतिका दहिया चार साल के बाद लेफ्टिनेंट को कोमल दहिया फ्लाइंग ऑफिसर बन देश की सेवा करेंगी। लाडलियों की उपलब्धि पर परिजन फूले नहीं समां रहे।