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एशियन कुश्ती चैंपियनशिप: भारत 14 पदक जीतकर सातवें स्थान पर रहा, जीतने वाले सभी पहलवान हरियाणा के

Mon, 17 Apr 2023 10:56 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

एशियन कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन कजाकिस्तान के अस्ताना में 9 से 15 अप्रैल तक किया गया। प्रतियोगिता में ग्रीको रोमन व फ्री-स्टाइल वर्ग के पहलवानों ने मिलकर देश को सात पदक दिलाए तो बेटियों ने अपने दम पर सात पदक जीत डाले। सभी 14 पदक हरियाणा के पहलवानों ने ही देश की झोली में डाले हैं।
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एशियन कुश्ती चैंपियनशिप - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2023 के 36वें संस्करण में 30 सदस्यीय भारतीय दल ने भाग लिया। भारतीय पहलवानों ने कुल 14 पदक हासिल किए, जिसमें एक स्वर्ण, तीन रजत और 10 कांस्य पदक शामिल हैं। सभी पदक हरियाणा के पहलवानों ने जीते हैं। प्रतियोगिता में भारत पिछले वर्ष की तुलना में दो स्थान नीचे आकर सातवें स्थान पर रहा। वर्ष 2022 में पदक तालिका में भारत का स्थान पांचवां रहा था। वहीं, 2021 व 2020 में बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान कब्जाया था।

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पदक तालिका में वर्ष 2022 के मुकाबले दो स्थान नीचे लुढ़का देश
एशियन कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन कजाकिस्तान के अस्ताना में 9 से 15 अप्रैल तक किया गया। प्रतियोगिता में झज्जर के अमन सहरावत ने पुरुषों के फ्री स्टाइल वर्ग में 57 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए देश के लिए सोना जीता। सोनीपत के रूपिन ने ग्रीको रोमन मुकाबलों के 55 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक, हिसार की अंतिम पंघाल ने 53 किलोग्राम और रोहतक की निशा दहिया ने 68 किलोग्राम में रजत पदक जीते।

बेटियों ने अपने दम पर सात पदक जीते
इसके साथ ही सोनीपत के नीरज छिक्कारा ने ग्रीको रोमन के 63 किलोग्राम, सोनीपत के सुनील मलिक ने 87 किलोग्राम, झज्जर के विकास ने 72 किलोग्राम, सोनीपत के अनिरुद्ध गुलिया ने फ्री स्टाइल के 125 किलोग्राम और हिसार के दीपक ने फ्री स्टाइल के 79 किलोग्राम भार वर्ग कांस्य पदक जीते। वहीं महिला वर्ग में जींद की अंशु मलिक ने 57 किलोग्राम, सोनीपत की सोनम मलिक ने 62 किलोग्राम, रोहतक की मनीषा ने 65 किलोग्राम, रोहतक की रितिका हुड्डा ने 72 किलोग्राम और जींद की प्रिया ने 76 किलोग्राम भार वर्ग में देश को कांस्य पदक दिलाए। सभी 14 पदक हरियाणा के पहलवानों ने ही देश की झोली में डाले हैं। प्रतियोगिता में ग्रीको रोमन व फ्री-स्टाइल वर्ग के पहलवानों ने मिलकर देश को सात पदक दिलाए तो बेटियों ने अपने दम पर सात पदक जीत डाले।

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नामचीन पहलवानों ने नहीं लिया भाग

प्रतियोगिता से पहले भारतीय कुश्ती संघ के साथ पहलवानों के विवाद के बाद इस प्रतियोगिता में देश के नामी पहलवानों ने ट्रायल से दूर रहने के चलते भाग नहीं लिया था। देश के उत्कृष्ट पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट ने ट्रायल नहीं दिया। वहीं रवि दहिया चोट के कारण ट्रायल में नहीं गए थे।
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मेजबानी बनी रहती तो अधिक पदक आते

एशियन कुश्ती चैंपियनशिप की मेजबानी पहले भारत को मिली थी। प्रतियोगिता पहले दिल्ली में दो अप्रैल से होनी थी, लेकिन भारतीय कुश्ती संघ और पहलवानों के बीच विवाद के बाद मेजबानी कजाकिस्तान को दे दी गई थी। मेजबानी का लाभ लेते हुए कजाकिस्तान ने सात स्वर्ण पदकों के साथ 20 पदक जीतकर प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया है।

भारत ने 17 पदक जीते
भारत को 14 पदक के साथ सातवां स्थान मिला है। जानकारों का मानना है कि मेजबानी मिलती तो पदकों की संख्या कहीं अधिक होती। भारत पिछले वर्ष से भी दो पायदान नीचे आ गया है। वर्ष 2022 में भारत 17 पदक जीतकर पांचवें स्थान पर रहा था। वहीं वर्ष 2021 में भारत 14 पदक लेकर तीसरे और वर्ष 2020 में भी भारत 20 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा है।

महिला पहलवानों का कैंप साई सेंटर सोनीपत में लगा था
पहलवानों ने प्रतियोगिता की तैयारी के लिए साई सेंटर सोनीपत में पसीना बहाया था। इस बार पहली बार पुरुष पहलवानों के फ्री-स्टाइल व ग्रीको रोमन वर्ग के साथ ही महिला पहलवानों का कैंप भी साई सेंटर सोनीपत में लगा था। साई सेंटर सोनीपत की क्षेत्रीय निदेशक ललिता शर्मा ने पदक विजेता पहलवानों को बधाई दी है।
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