प्रतियोगिता से पहले भारतीय कुश्ती संघ के साथ पहलवानों के विवाद के बाद इस प्रतियोगिता में देश के नामी पहलवानों ने ट्रायल से दूर रहने के चलते भाग नहीं लिया था। देश के उत्कृष्ट पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट ने ट्रायल नहीं दिया। वहीं रवि दहिया चोट के कारण ट्रायल में नहीं गए थे।
एशियन कुश्ती चैंपियनशिप की मेजबानी पहले भारत को मिली थी। प्रतियोगिता पहले दिल्ली में दो अप्रैल से होनी थी, लेकिन भारतीय कुश्ती संघ और पहलवानों के बीच विवाद के बाद मेजबानी कजाकिस्तान को दे दी गई थी। मेजबानी का लाभ लेते हुए कजाकिस्तान ने सात स्वर्ण पदकों के साथ 20 पदक जीतकर प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया है।
भारत ने 17 पदक जीते
भारत को 14 पदक के साथ सातवां स्थान मिला है। जानकारों का मानना है कि मेजबानी मिलती तो पदकों की संख्या कहीं अधिक होती। भारत पिछले वर्ष से भी दो पायदान नीचे आ गया है। वर्ष 2022 में भारत 17 पदक जीतकर पांचवें स्थान पर रहा था। वहीं वर्ष 2021 में भारत 14 पदक लेकर तीसरे और वर्ष 2020 में भी भारत 20 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा है।
महिला पहलवानों का कैंप साई सेंटर सोनीपत में लगा था
पहलवानों ने प्रतियोगिता की तैयारी के लिए साई सेंटर सोनीपत में पसीना बहाया था। इस बार पहली बार पुरुष पहलवानों के फ्री-स्टाइल व ग्रीको रोमन वर्ग के साथ ही महिला पहलवानों का कैंप भी साई सेंटर सोनीपत में लगा था। साई सेंटर सोनीपत की क्षेत्रीय निदेशक ललिता शर्मा ने पदक विजेता पहलवानों को बधाई दी है।