खरखौदा में झूठी शान के लिए हुए तिहरे हत्याकांड में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया। दोषियों को मंगलवार को सजा सुनाई जाएगी। मामले में दोषी करार दिया गया एक युवक भगोड़ा है।
खरखौदा के सूरज ने नवंबर, 2016 को पुलिस को बताया था कि उसके बड़े भाई प्रदीप ने झज्जर के बिरधान की रहने वाली सुशीला से तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। वह 18 नवंबर 2016 की रात को परिवार के साथ घर पर सोए हुए थे। रात में करीब दस बजे कार में सवार होकर दो युवक घर पर आए। उन्होंने घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थी। गोली लगने से उसके भाई प्रदीप व मां सुनीता की मौके पर ही मौत हो गई थी। गोली लगने से सूरज, उसका पिता सुरेश और आरोपियों की बहन सुशीला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। अस्पताल में उपचार के दौरान सुरेश ने भी दम तोड़ दिया था। घटना के समय सुशीला गर्भवती थी। गोली लगने से घायल होने पर उसको पीजीआई में भर्ती कराया गया था। वहीं पर रात को उसने बेटे को जन्म दिया था। स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से सुशीला को उसकी बड़ी बहन व रिश्तेदार अपने साथ ले गए थे। प्रदीप के परिवार में उसका भाई सूरज और एक बहन ही बची थी। मामले में सोमवार को एएसजे आरपी गोयल ने आरोपी सतेंद्र उर्फ मोनू और हरीश को दोषी करार दिया है। वह सुशीला के भाई हैं। मामले में दोषी करार दिया गया सतेंद्र उर्फ मोनू भगोड़ा घोषित किया गया है। दोषियों को हत्या, हत्या के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट में मंगलवार को सजा सुनाई जाएगी।