बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्राओं की कक्षा में गालियां देने और अश्लील भाषा का प्रयोग करने के आरोपी प्रोफेसर ने कमेटी के सामने अपनी गलती मानने के साथ माफी भी मांगी। इस पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार उन्हें फिलहाल छुट्टी पर भेज दिया है। वहीं छात्राओं ने शाम को आरोपी प्रोफेसर को निलंबित करने के लिए हड़ताल शुरू कर दी है।
वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रोफेसर पर की गई कार्रवाई को लेकर सोमवार को एमबीबीएस छात्राएं निदेशक से भी मिलीं। उन्होंने प्रोफेसर के रिजाइन लेने या उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। निदेशक के अनुसार आगामी कार्रवाई अब मुख्यालय प्रशासन को ही करनी है।
मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्राओं की 16 सितंबर को सुबह करीब 9-10 बजे प्रोफेसर का लेक्चर था। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि लेक्चर के दौरान उन्होंने अश्लील भाषा में बोला। उन्होंने न केवल उन्हें गालियां दीं, बल्कि उनके परिजनों के बारे में भी अश्लील भाषा का प्रयोग किया। प्रोफेसर के गालियां देने व अश्लील भाषा का प्रयोग करने का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसको लेकर निदेशक ने प्रोफेसर पर कार्रवाई के लिए छात्राओं को जहां 72 घंटे का समय दिया था, वहीं इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया था। कमेटी ने जांच की तो प्रोफेसर ने गलती मानते हुए माफी भी मांगी। इस कमेटी के चेयरमैन डॉ. एमके गर्ग, सदस्य डॉ. आनंद अग्रवाल, डॉ. अनुराधा टंडन, डॉ. सुरेंद्र और डॉ. स्वर्ण कौर शामिल थीं।
जांच की कराई वीडियोग्राफी, प्रोफेसर ने मांगी माफी
कमेटी ने प्रोफेसर के साथ ही 12 छात्राओं से मामले में पूछताछ की। उन्होंने जांच में चार सीनियर छात्राओं को भी शामिल करके प्रोफेसर के रवैये के बारे में पूछताछ की। इसके अलावा उन्होंने प्रोफेसर से भी पूछताछ की। कमेटी के चेयरमैन डॉ. एमके गर्ग के अनुसार प्रोफेसर ने बताया कि कक्षा में छात्राओं ने हूटिंग कर दी थी। इससे वह गुस्से में आ गए और गालियां दे दी थीं। इस पर उन्होंने गलती मानते हुए माफी भी मांगी। उनसे और छात्राओं से की गई पूछताछ की कमेटी ने वीडियोग्राफी भी करवाई।
निदेशक से मिलीं छात्राएं, प्रोफेसर पर कार्रवाई की जानकारी ली
निदेशक की ओर से छात्राओं को प्रोफेसर पर कार्रवाई के लिए 72 घंटे का आश्वासन दिया था। आश्वासन के खत्म होने पर छात्राएं सोमवार को निदेशक से मिलीं। इस पर निदेशक ने छात्राओं को प्रोफेसर के सभी चार्ज वापस लेने, उन्हें छुट्टी पर भेजने और नियम अनुसार आगामी कार्रवाई के लिए मुख्यालय रिपोर्ट भेजने की बात कही। छात्राओं ने प्रोफेसर का त्यागपत्र लेने या फिर उन्हें बर्खास्त करने की भी मांग की।
वर्जन
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार प्रोफेसर ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी है। इस पर उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया है। साथ ही कमेटी की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है। मुख्यालय से ही उन पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. राजीव महेंद्र, निदेशक, बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां