शोध कार्य में अत्यधिक संवेदनशील और तीव्र प्रतिक्रिया पर आधारित मोलिब्डेनम ट्राइऑक्साइड-मेजो पोरस ग्रेफाइट कार्बन नाइट्राइड एवं प्लेटिनम-मोलिब्डेनम ट्राइऑक्साइड बेस्ड मेजोपोरस ग्रेफाइट कार्बन नाइट्राइड का संश्लेषण किया गया और पाया कि सामान्यत: इंडोर वातावरण में पाए जाने वाले बेंजीन, जाइलीन, ऐसीटोन, टोलवीन की तीव्र सांद्रता के लिए कम तापमान पर निर्भर संवेदी प्रतिक्रिया करते हैं।
सहायक प्रोफेसर सत्यपाल नेहरा ने कहा कि वर्तमान में 2 डी आधारित सेंसिंग मैटेरियल क्षेत्र में शोध की अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में शोध कर हम प्रदूषण की मॉनिटरिंग करके समय रहते आवश्यक कदम उठा सकते हैं। इस तरह का शोध कार्य स्वच्छ पर्यावरण के साथ स्वस्थ जीवन बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
वर्तमान समय में विश्व के वही देश समृद्ध व आत्मनिर्भर है, जहां अधिक अनुसंधान किए गए हैं। विश्वविद्यालय का कार्य ज्ञान पैदा करना होता है। अधिक से अधिक अनुसंधान कर हम अपने देश को आत्मनिर्भर बनाकर देश को आर्थिक तौर पर समृद्ध बना सकते हैं। विश्वविद्यालय में अनुसंधान पर विशेष ध्यान दिया जाता है, यही कारण है कि डीसीआरयूएसटी में किए गए शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जाता है।