एसकेएम नेता डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि रविवार को लखीमपुर खीरी में शांतिपूर्ण जा रहे किसानों की निर्मम हत्या का चौंकाने वाला और दिल दहलाने वाला नया वीडियो सामने आया है। प्रदर्शनकारी उस दिन इस भीषण घटनाक्रम के बारे में जो बता रहे थे, वह वीडियो में साफ है। वीडियो से पता लग रहा है कि मंत्री अजय मिश्रा टेनी और उनके बेटे द्वारा दिया गया बयान झूठा था। विरोध प्रदर्शन से लौट रहे शांति से चलते हुए साजिश से अनभिज्ञ किसान प्रदर्शनकारियों को मंत्री के वाहनों ने बुरी तरह कुचल दिया।
कई चश्मदीद गवाह अब वीडियो जारी कर इसे बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसकेएम किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की सोमवार शाम से कई घंटों तक गिरफ्तारी और हिरासत में रखने की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार का अलोकतांत्रिक और सत्तावादी व्यवहार सरासर गलत है। इससे साफ है कि योगी सरकार दुनिया के सामने उभर रहे लखीमपुर खीरी हत्याकांड की सच्चाई पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। एसकेएम पंजाब से लोगों को लखीमपुर खीरी आने से रोकने के लिए यूपी सरकार के प्रयासों की भी निंदा करता है।
पीएम पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
एसकेएम ने कहा कि वह पीएम को उनके अपने असंगत रुख और यूटर्न की याद दिलाना चाहते हैं। वास्तव में जब एमएसपी को सभी उपज और किसानों के लिए वास्तविकता बनाने की बात आई है तो केंद्र सरकार संसद में किए गए अपने वादे से मुकर गई। एसकेएम यह भी दोहराता है कि तथाकथित सुधार किसानों के लिए फायदेमंद नहीं है, भले ही कोई भी पार्टी इनका प्रस्ताव दे रही हो। किसानों ने किसी तरह के सुधारों के लिए नहीं कहा और न ही चाहते हैं। वह किसान विरोधी कानूनों को पूर्ण रूप से रद्द करने की मांग करते हैं।