फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रॉपर्टी डीलर ने सेवानिवृत्त अधिकारी की दो दुकानें हड़पीं, मुकदमा दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय से सेवानिवृत्त अधिकारी के साथ धोखाधड़ी कर उनकी दो दुकान व डेढ़ लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर व उसके साथियों ने फर्जी कागजात तैयार कराकर दोनों दुकानों पर कब्जा कर लिया। दुकानों पर कब्जे की जानकारी पर पहुंचे पीड़ित और उनके परिचितों को पीट कर घायल कर दिया गया और जान से मारने की धमकी दी।
विज्ञापन

मूलरूप से आदर्श नगर के रहने वाले वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि वह जल शक्ति मंत्रालय से सेवानिवृत्त हैं। उनके पिता मदनलाल शर्मा को 43 साल पहले दो दुकानें इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से आवंटित की गई थीं। उनमें से बस अड्डा पर दुकान संख्या-तीन और सब्जी मंडी में दुकान संख्या- 31 मिली थीं। अप्रैल 2021 में उनके पिता का देहांत हो गया था। उसके बाद दुकानों का विरासत इंतकाल दर्ज कराने और बिजली का कनेक्शन बदलवाने के लिए उन्होंने प्रयास शुरू किए। वह दिल्ली में रहते हैं, ऐसे में उक्त कार्य के लिए बस अड्डे के पास काम करने वाले खेवरिया प्रॉपर्टी डीलर से संपर्क किया। वहां पर सोनू उर्फ विशाल कुमार और सोनिया मिले। उन्होंने पूरे कार्य के डेढ़ लाख रुपये मांगे। उन्हें डेढ़ लाख का भुगतान कर दिया गया। तब आरोपियों ने जरूरी कागजात ले लिए। 22 दिसंबर को पता चला कि उनकी दुकानों के ताले टूटे हुए हैं। उन पर दूसरे लोगों ने कब्जा कर लिया है। वह परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि वहां दुकानों पर सोनिया शर्मा और सोनू उर्फ विशाल बैठे थे। उन्होंने छह-सात युवकों को बुला लिया। उन्होंने हाथापाई शुरू कर दी। साथ ही धमकाया कि यह दुकान उन्होंने 30 लाख रुपये में खरीदी हैं। साथ ही मारने की धमकी दी। वीपी शर्मा ने बताया कि उन्होंने किसी से एक रुपया भी नहीं लिया है। वहीं आरोपियों ने डेढ़ लाख रुपये लिए हैं। सिविल लाइन थाने में मारपीट व कब्जा करने और राई थाने में धोखाधड़ी से कागजात तैयार कराने का मुकदमा दर्ज हुआ है।
वर्जन
शिकायतकर्ता की शिकायत पर जांच में सामने आया कि उसके व परिजनों से मारपीट व अवैध कब्जा करने का मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुआ है। इस मामले में जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी ने की थी। उसमें सामने आया कि धोखाधड़ी कर फर्जी कागजात राई में तैयार कराए गए थे। ऐसे में यहां पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों पुलिस टीमें मिलकर जांच कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, राई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें