सोनीपत। नियम 134ए के बाद अब आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने के लिए आवेदन जमा कराना अभिभावकों के लिए मुसीबत बना हुआ है। सोमवार को आरटीई के तहत आवेदन करने का अंतिम दिन था। कुछ निजी स्कूल संचालकों ने आवेदन लेने से ही मना कर दिया। जिसके बाद गुस्साए अभिभावक मॉडल टाउन स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। यही नही जिला शिक्षा अधिकारी से मिलकर निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। जिसके बाद डीईओ के निर्देश पर अभिभावकों के आवेदन बीईओ कार्यालय में ही जमा किए गए।
गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निजी स्कूलों में नियम 134ए के तहत दाखिले सरकार की तरफ से दिलवाए जा रहे थे। गत शैक्षणिक सत्र में करीब 1100 बच्चों के दाखिले नियम 134ए के तहत लंबित पड़े हुए हैं। सरकार ने एक बार नियम 134ए को समाप्त करने की घोषणा की थी, वहीं बाद में अपने इस फैसले को वापस भी ले लिया था। वहीं सरकार ने गरीब परिवारों के बच्चों के लिए प्रदेश में आरटीई लागू करने की प्रक्रिया शुरू की थी। जिसके तहत 16 से 25 अप्रैल तक अभिभावकों से आवेदन जमा करने की बात कहीं गई थी। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक निजी स्कूलों में आवेदन करने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने आवेदन लेने से ही मना कर दिया है। जिसकी वजह से अभिभावकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वहीं छात्र अभिभावक संघ की उपाध्यक्ष प्रवेश कुमारी ने कहा कि सरकार तो नियम 134ए को सही ढंग से लागू कर पा रही है और न ही अब आरटीई के तहत निजी स्कूलों पर आवेदन लेने के लिए कोई दबाव बना पा रही है। जिसकी वजह से निजी स्कूल आवेदन नहीं ले रहे हैं। सोमवार को आवेदन जमा कराने का अंतिम दिन था, लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने आवेदन नहीं लिए। मजबूरी में बीईओ कार्यालय में प्रदर्शन करना पड़ा। हमारी सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द नियम 134ए व आरटीई को सही ढंग से लागू किया जाए।
इंसेट
संबंधित स्कूलों में भेजे जाएंगे आवेदन
निजी स्कूल संचालकों के आवेदन लेने से इनकार करने के बाद गुस्साए अभिभावक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचे। जहां उन्होंने अपनी समस्याएं बताई। इसके बाद शिक्षा अधिकारियों ने बीईओ कार्यालय में ही अभिभावकों के आवेदन स्वीकार किए। जिन्हें बाद में संबंधित स्कूलों में भेज दिया जाएगा। हालांकि इससे पहले अभिभावकों ने शिक्षा विभाग व सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया तथा मांग की कि जल्द से जल्द नियम 134ए व आरटीई को लागू किया जाए। आरटीई के तहत प्रत्येक स्कूल को अपनी 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करनी पड़ती है।
वर्जन
आरटीई के तहत आवेदन प्रक्रिया का सोमवार को अंतिम दिन था। अधिकतर स्कूलों ने आवेदन ले लिए हैं। कुछ अभिभावकों का आरोप है कि कुछ निजी स्कूल आवेदन लेने से इनकार कर रहे हैं। ऐसे अभिभावकों के आवेदन खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मेें जमा करवाए हैं। जिन्हें बाद में संबंधित स्कूलों में भेज दिया जाएगा। आरटीई के तहत आवेदन लेने से कोई स्कूल मना नहीं कर सकता। अगर किसी ने नियमों की अवहेलना की है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -बिजेंद्र नरवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत