राठधना रेलवे स्टेशन को लोग अब खेड़ी बारोटा रेलवे स्टेशन के नाम से जानेंगे। स्टेशन का नाम जल्द ही बदल दिया जाएगा। साथ ही स्टेशन का सुंदरीकरण करते हुए आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। यह जानकारी उत्तर रेलवे जेडआरयूसीसी के सदस्य संजय पाराशर ने दी। वह सोमवार को राठधना रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर यात्रियों के लिए न तो कोई सुविधाएं मिलीं, न ही बेहतर व्यवस्था। इस पर संजय पाराशर ने अधिकारियों को फटकार लगाई और जल्द ही सभी व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए।
उत्तर रेलवे जेडआरयूसीसी के सदस्य संजय पाराशर सोमवार को अधिकारियों के साथ राठधना रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां न तो पेयजल की सुविधा मिली और न ही यात्रियों के बैठने के लिए उचित व्यवस्था। उन्होंने बताया कि स्टेशन के नाम को लेकर भी लंबे समय से यात्रियों में असमंजस की स्थिति देखने को मिल रही है। यात्रियों का कहना है कि राठधना रेलवे स्टेशन से राठधना गांव कई किलोमीटर दूर है। ऐसे में अनजान यात्री राठधना रेलवे स्टेशन पर उतर जाते हैं। इसके बाद उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दिल्ली की तरफ से हरियाणा का पहला रेलवे स्टेशन होने के बावजूद यहां यात्रियों के लिए सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। इसे देखते हुए ही इस स्टेशन का नाम राठधना से बदलकर खेड़ी बारोटा रखने का निर्णय लिया गया है, जिससे अनजान यात्रियों को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। निरीक्षण के दौरान संजय पाराशर के साथ सेवा दहिया, सोनू दहिया, दीपक चौहान के अलावा रेलवे अधिकारियों में सीएमआई मुकेश, एसएसई नरेश कुमार, एसएस राठधना विकास, हकीम सिंह त्यागी, रविंद्र व रामपाल मौजूद रहे।
पानी की टंकी पर चढ़ किया निरीक्षण
राठधना रेलवे स्टेशन से आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के लोग ट्रेन पकड़ते हैं और रोजाना आवागमन करते हैं। उसके बावजूद स्टेशन पर पेयजल तक की सुविधा नहीं है। निरीक्षण के दौरान संजय पाराशर स्टेशन पर बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए और जायजा लिया। अव्यवस्थाएं मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और निर्देश दिए कि गर्मियों से पहले स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म पर पेयजल सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। अगर व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्टेशन पर ये मिलेंगी सुविधाएं
-स्टेशन के सुंदरीकरण के लिए बारोटा व खेड़ी मनाजात की तरफ द्वार बनाए जाएंगे
- शौचालय के निर्माण पर जोर दिया जाएगा
-पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा
-यात्रियों को बैठने की सुविधा देने के लिए दो शेड बनाए जाएंगे
-खेड़ी मनाजात-बारोटा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण 20 माह के अंदर किया जाएगा
-फाटक पर अधर में लटके रेलवे अंडरपास का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा
वर्जन
राठधना रेलवे स्टेशन के नाम को लेकर अनजान यात्रियों में असमंजस की स्थिति रहती थी, जिसे देखते हुए स्टेशन का नाम बदलने का निर्णय लिया गया। इस स्टेशन को अब जल्द ही खेड़ी बारोटा के नाम से जाना जाएगा। साथ ही स्टेशन का सुंदरीकरण भी किया जाएगा। यहां आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान कुछ खामियां मिली हैं, जिन्हें जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए हैं
- संजय पाराशर, जेडआरयूसीसी सदस्य, उत्तर रेलवे