सोनीपत नगर निगम कार्यालय में मुख्य सफाई निरीक्षक साहब सिंह से मिलते कच्चे क्वार्टर मार्केट के
सोनीपत। कच्चे क्वार्टर मार्केट में मच्छरों का प्रकोप होने से बीमारियां फैलने की आशंका है। परेशान दुकानदारों ने मंगलवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचकर फॉगिंग के लिए पायरेथ्रम नामक दवा उपलब्ध न होने पर रोष जताया। कहा कि अगर बुधवार तक फॉगिंग नहीं कराई तो दुकानदार वीरवार को निगम अधिकारियों को अपनी दुकानों की चाबियां सौंप देंगे। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने फाॅगिंग कराने से इनकार किया है।
कच्चे क्वार्टर मार्केट के प्रधान राकेश चोपड़ा, शेर सिंह, भारत बत्रा, अंश ने बताया कि मार्केट में मच्छरों की भरमार होने से दुकानदार परेशान हैं। दुकानदारों में स्वास्थ्य विभाग व निगम प्रशासन के प्रति गुस्सा है। स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कुछ भी नहीं कर रहा है। दुकानदारों ने बताया कि उनका मच्छरों के कारण दुकान में बैठना भी दूभर हो चुका है। खाने-पीने का सामान बेचने वालों के लिए यह समस्या और भी गंभीर है।
कच्चे क्वार्टर मार्केट के प्रधान राकेश चोपड़ा ने बताया कि उनकी मांग के बाद निगम प्रशासन की ओर से सोमवार शाम को मार्केट में फॉगिंग करने के लिए एक कर्मचारी भेजा गया था, लेकिन उसके पास फॉगिंग के लिए पायरेथ्रम दवा नहीं थी। दुकानदार निगमायुक्त विश्राम कुमार मीणा व मुख्य सफाई निरीक्षक साहब सिंह से मिले। उन्होंने प्रशासन से मार्केट में फॉगिंग कराने की मांग की लेकिन अधिकारियों ने दवा न होने की बात कही। इस पर प्रधान राकेश चोपड़ा ने कहा कि प्रशासन की ओर से सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के पास 218 लीटर दवा उपलब्ध
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मनजीत राठी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास फॉगिंग कराने के लिए 218 लीटर पायरेथ्रम दवा उपलब्ध है। पिछले सप्ताह निगम प्रशासन को पत्र लिखकर दवा लेने के लिए कहा गया था, लेकिन निगम अधिकारी दवा लेने के लिए कार्यालय में नहीं आए है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने आदेश दिया था कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार अगर किसी स्थान पर डेंगू व मलेरिया का मरीज मिलता है तो वहां फॉगिंग जरूरी है। अगर कोई मरीज नहीं मिला है तो फॉगिंग नहीं की जा सकती। फॉगिंग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार ही फॉगिंग की जा सकती है। फाॅगिंग अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत हानिकारक है। उसे सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे में दुकानदारों से अपील है कि अपने आसपास पानी खड़ा न होने दें और सफाई का ध्यान रखे।