सोनीपत में एक कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, साथ में विधायक सुरेंद्र पंवार व अ?
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सोनीपत। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों पर फैसला लेने में काफी देरी की। अगर कानूनों को पहले वापस ले लिया जाता तो किसानों को इतना नुकसान नहीं उठाना पड़ता। इन कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों को इतने लंबे वक्त तक सड़कों पर नहीं बैठना पड़ता और न ही 700 से ज्यादा किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ती। कृषि कानून वापस लिए जाने के फैसले का वह स्वागत करते हैं। यह किसानों के लंबे संघर्ष, संयम, शांति और सत्याग्रह की जीत है।
भूपेंद्र हुड्डा रविवार को सोनीपत में आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत करने के दौरान संबोधित कर रहे थे। भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी इतना लंबा और अनुशासित आंदोलन नहीं देखा। यही वजह है कि सरकार को आखिरकार किसानों के सामने झुकना पड़ा। सरकार को अब बिना देरी किए किसान के बाकी मुद्दों पर भी बातचीत करनी चाहिए। विपक्ष होने के नाते वह शुरू से किसानों की मांगों का समर्थन कर रहे थे। उनकी शुरू से मांग रही है कि सरकार स्वामीनाथन आयोग के सी-2 फार्मूले के तहत किसानों को एमएसपी की गारंटी दे। एमएसपी से कम खरीद पर सजा के प्रावधान का कानून बनाया जाए।
पूर्व सीएम ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि सरकार की तरफ से आंदोलनरत किसानों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए। साथ ही पंजाब सरकार की तरह हरियाणा सरकार भी आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी दे। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नौजवानों के मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश का नौजवान आज देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी और सरकारी भर्ती के नाम पर महाघोटालों को झेल रहा है। एचएसएससी और एचपीएससी भ्रष्टाचार का अड्डा बन गए हैं। सभी भर्ती घोटालों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो। इस दौरान विधायक सुरेंद्र पंवार, वरिष्ठ नेता सुरेंद्र छिक्कार, मनोज रिढाऊ आदि मौजूद रहे।