बेगा घाट पर यमुना नदी में डूबने से हुई सुमित की मौत के बाद विलाप करते परिजन। संवाद
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गणेश चतुर्थी पर यमुना के मीमारपुर व बेगा घाट पर मूर्ति विसर्जन करने गए पिता-पुत्र व भतीजे समेत चार लोग डूब गए। मीमारपुर घाट पर डूबे परिवार के तीन सदस्यों में से व्यक्ति व उसके भतीजे का शव बरामद कर लिया गया, किशोर का अभी सुराग नहीं लग सका है। वहीं बेगा घाट पर भी एक युवक डूब गया। पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस यमुना में डूबे किशोर की तलाश कर रही है।
शुक्रवार को गणेश चतुर्थी शहर से श्रद्धालु भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जन करने के लिए नाचते-गाते हुए यमुना समेत अन्य घाटों पर गए थे। सोनीपत की सुंदर सांवरी कॉलोनी से भी करीब 35 श्रद्धालु मीमारपुर घाट पर पहुंचे थे। बारिश के बाद से यमुना में जलस्तर बढ़ा हुआ है। सुंदर सांवरी निवासी सुनील (45), उनका बेटा कार्तिक (13) व भतीजा दीपक (20) भी मूर्ति विसर्जन में शामिल थे। वह अन्य श्रद्धालुओं के साथ मूर्ति विसर्जन करने के दौरान स्नान के लिए यमुना के अंदर चले गए। इसी दौरान वह तेज बहाव में तीनों डूब गए। वहां पर मौजूद श्रद्धालुओं ने उन्हें बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन बहाव अधिक होने से वह बचाव नहीं कर सके। सूचना के बाद मुरथल थाना से टीम और गोताखोर घाट पर पहुंच गए और तलाश शुरू की। रात करीब आठ बजे सुनील और उनके भतीजे दीपक का शव निकाल लिया गया। वहीं सुनील के बेटे कार्तिक की तलाश की जा रही है। कार्तिक पांच बहनों में इकलौता भाई है। उसका पिता सुनील ऑटो चालक था।
बेगा घाट पर यमुना में डूबा युवक, छह साथी बचे
गन्नौर के बेगा घाट पर भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन करने गया रेहड़ा बस्ती का सुमित यमुना नदी में डूब गया। वह प्रतिमा विसर्जन के लिए छह साथियों के साथ यमुना नदी में अंदर गया था। इसी दौरान वह डूब गया। उसके छह अन्य साथी भी डूबने लगे थे, लेकिन वहां मौजूद नाव चालक ने उन्हें बचा लिया। बाद में सुमित की तलाश शुरू की गई। पुलिस व प्रशासन ने दो घंटे की तलाश के बाद उसका शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। उसकी दो माह पहले ही शादी हुई थी।